एनडीपी विधायक दिलजीत बराड़ की पहल: मैनीटोबा असेंबली ने दी सिख समुदाय के खिलाफ भेदभाव की निंदा करने वाले प्रस्ताव को मंजूरी

एनडीपी विधायक दिलजीत बराड़ की पहल: मैनीटोबा असेंबली ने दी सिख समुदाय के खिलाफ भेदभाव की निंदा करने वाले प्रस्ताव को मंजूरी

कनाडा के मैनीटोबा प्रांत की विधानसभा (Legislative Assembly) ने सिख समुदाय के खिलाफ बढ़ रही नफरत, नस्लवाद और धार्मिक भेदभाव की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए एक ऐतिहासिक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया है। “स्टैंडिंग अप अगेंस्ट एंटी-सिख हेट” (Standing Up Against Anti-Sikh Hate) शीर्षक वाले इस प्रस्ताव को न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (NDP) के विधायक दिलजीत बराड़ द्वारा विधानसभा के पटल पर पेश किया गया था। सदन में पारित इस प्रस्ताव में मैनीटोबा और समग्र कनाडा के निर्माण तथा विकास में सिख समुदाय द्वारा दिए गए बहुमूल्य योगदान की सराहना की गई। इसमें विशेष रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, राजनीति, खेल, विज्ञान और जनसेवा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सिखों की ओर से निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया।नफरती घटनाओं पर जताई चिंता, दिया समानता का संदेशप्रस्ताव में विनीपेग में आयोजित नगर कीर्तन से पूर्व सामने आई सिख विरोधी ग्रैफिटी (आपत्तिजनक व नफरती टिप्पणियों) और अन्य भेदभावपूर्ण घटनाओं पर गहरा दुख व चिंता व्यक्त की गई। विधानसभा की इस विशेष कार्यवाही को देखने के लिए विभिन्न समुदायों के लगभग 75 प्रतिनिधि दर्शक दीर्घा में मौजूद रहे। इस प्रस्ताव के माध्यम से सरकार और प्रांतीय संसद ने समाज के सभी वर्गों के लिए समानता, आपसी सम्मान और एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने का स्पष्ट संदेश दिया है।'टर्बन डे एक्ट' को भी मिल चुकी है शाही मंजूरीगौरतलब है कि विधायक दिलजीत बराड़ द्वारा इससे पूर्व पेश किए गए ‘टर्बन डे एक्ट’ (Turban Day Act) विधेयक को भी कनाडा में शाही मंजूरी (Royal Assent) मिल चुकी है। इस कानून के तहत हर वर्ष 13 अप्रैल को मैनीटोबा प्रांत में आधिकारिक तौर पर 'टर्बन डे' (दस्तार दिवस) के रूप में मनाया जाता है।