किसान मोर्चा लंबा खिंचने के आसार: पंजाब सरकार के रवैये से किसानों में नाराजगी, आगे की रणनीति पर फैसला आज

किसान मोर्चा लंबा खिंचने के आसार: पंजाब सरकार के रवैये से किसानों में नाराजगी, आगे की रणनीति पर फैसला आज

चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले पांच दिनों से डटे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) से जुड़े किसान संगठनों ने पंजाब सरकार के ढुलमुल रवैये पर कड़ा ऐतराज जताया है। पुलिस-प्रशासन द्वारा पिछले तीन दिनों से राज्य सरकार के साथ बैठक तय कराने का प्रयास सिरे न चढ़ने के कारण किसान संगठनों ने आंदोलन को और तेज करने के लिए अगली रणनीति बनाने का निर्णय लिया है।정 सरकार से बातचीत का कोई समय न मिलने से नाराज एसकेएम नेताओं का कहना है कि पूर्व में 7 सितंबर तक प्रस्तावित इस धरने को अनिश्चितकाल के लिए आगे बढ़ाने की घोषणा की जा सकती है। मोर्चे में किसानों की लगातार बढ़ती उपस्थिति से संगठन संतुष्ट दिख रहे हैं। धरना स्थल पर ट्रैक्टर-ट्रालियों का आना जारी है और बड़ी संख्या में महिला किसान भी आंदोलन में हिस्सा ले रही हैं। आंदोलनकारियों के लिए दर्जनों लंगर निर्बाध रूप से चलाए जा रहे हैं।तेज बारिश के बावजूद किसानों का जोश कम नहीं हुआ। शनिवार शाम 5 से 7 बजे के बीच किसानों ने एयरपोर्ट रोड के सभी प्रमुख चौकों पर हाथों में मांगों के बैनर और झंडे लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। धरना स्थल पर हरविंदर सिंह लखवाल, प्रेम सिंह भंगू, जतिंदर सिंह छीना, दलवीर सिंह सिद्धूपुर, वीर सिंह बड़वा, कंवलप्रीत सिंह पन्नू और नछत्तर सिंह जैतो के नेतृत्व वाले अध्यक्षता मंडल ने मंच की कार्रवाई संचालित की। वक्ताओं ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन बार-बार सरकार से वार्ता कराने का आश्वासन तो दे रहा है, लेकिन पंजाब सरकार टालमटोल की नीति अपना रही है। रविवार को वरिष्ठ किसान नेताओं की होने वाली अहम बैठक में आंदोलन का अगला रुख तय किया जाएगा। शनिवार की बैठक की अध्यक्षता बलदेव सिंह निहालगढ़, हरजिंदर सिंह टांडा और सुखदेव सिंह अराईंवाला ने की। इस दौरान बलबीर सिंह राजेवाल, रमिंदर सिंह पटियाला, मलूक सिंह हीरके, बूटा सिंह चक्र, जगवीर सिंह चौहान और हरभजन सिंह बुट्टर सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने किसानों को संबोधित किया।