पंजाब के कर्मचारियों का दूसरे चरण का आंदोलन: सरकारी चेतावनी के बावजूद सिविल सचिवालय में गूंजे सरकार विरोधी नारे

पंजाब के कर्मचारियों का दूसरे चरण का आंदोलन: सरकारी चेतावनी के बावजूद सिविल सचिवालय में गूंजे सरकार विरोधी नारे

पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के दूसरे चरण के आंदोलन के तहत आज राजधानी स्थित पंजाब सिविल सचिवालय में कर्मचारियों का एक अनूठा और उग्र रूप देखने को मिला। जिस सचिवालय की हर मंजिल की बालकोनी में खड़े होकर कभी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के पहले आगमन पर जश्न की गूंज पैदा की थी, आज वहीं से पंजाब सरकार के खिलाफ तीखा आक्रोश देखने को मिला। कर्मचारियों ने कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा की चेतावनी को दरकिनार करते हुए सरकारी दफ्तरों में कामकाज पूरी तरह बंद रखा। हड़ताल से ठीक पहले कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि हड़ताल के कारण आम जनता को कोई परेशानी हुई, तो नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, बीते दिन कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष सुशील कुमार फौजी का तबादला भी कर दिया गया था। हालांकि, इन कड़े सरकारी कदमों के बावजूद कर्मचारियों ने अपने रुख में कोई नरमी नहीं दिखाई, बल्कि सरकारी सख्ती ने कर्मचारियों की एकजुटता को और अधिक मजबूत कर दिया। सचिवालय परिसर में आज कर्मचारियों ने प्रत्येक मंजिल की बालकोनी में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान परिसर में भारी पुलिस बल तैनात था, लेकिन कर्मचारियों के नारों की गूंज दूर-दूर तक सुनाई दे रही थी। उल्लेखनीय है कि 16 मार्च 2022 को जब भगवंत मान बतौर मुख्यमंत्री पहली बार सचिवालय पहुंचे थे, तब कर्मचारियों ने उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया था। आज सचिवालय से निकला कर्मचारियों के गुस्से का सेक भी मौजूदा सरकार के खाते में ही आया है। कर्मचारी संगठन के चेयरमैन सुखचैन सिंह खैरा ने कहा कि पंजाब सरकार का कोई भी रुख कर्मचारियों को झुका नहीं सकेगा, बल्कि ऐसे कदम कर्मचारियों की एकता को और मजबूती देते हैं। बकाया महंगाई भत्ता (डीए), पुरानी पेंशन योजना और अन्य मांगों को लेकर कर्मचारियों ने एक दिवसीय हड़ताल का यह दूसरा चरण पूरा किया, जहां कभी स्वागत में गुलाब पकड़े हाथ आज सरकार विरोधी तख्तियां थामे नजर आए।