श्री हरिमंदिर साहिब की सराय बुकिंग के नाम पर ऑनलाइन ठगी, एसजीपीसी ने 500 फर्जी वेबसाइटें कराईं बंद

श्री हरिमंदिर साहिब की सराय बुकिंग के नाम पर ऑनलाइन ठगी, एसजीपीसी ने 500 फर्जी वेबसाइटें कराईं बंद

सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु बनी सरायों (धर्मशालाओं) के नाम पर हो रही ऑनलाइन ठगी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के लिए गंभीर चिंता का कारण बनी हुई है। पुलिस और राज्य सरकार की ओर से अपेक्षित सहयोग न मिलने के कारण न केवल देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु ठगी का शिकार हो रहे हैं, बल्कि इस सिख संस्था की साख पर भी असर पड़ रहा है। देश-विदेश से आने वाली संगत की सुविधा के लिए एसजीपीसी ने कुछ सरायों में ऑनलाइन कमरों की बुकिंग की व्यवस्था की है। हालांकि, साइबर ठग इस सुविधा का अनुचित लाभ उठा रहे हैं। फर्जी वेबसाइटों, क्यूआर कोड, नकली रसीदों और एसजीपीसी के आधिकारिक लोगो का दुरुपयोग कर श्रद्धालुओं से पैसे ऐंठने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए संस्था प्रयासरत है, लेकिन पूरी तरह से रोक लगाने में अब तक सफलता नहीं मिली है। श्री हरिमंदिर साहिब की सरायों के मैनेजर गुरप्रीत सिंह ने बताया कि ठग लगातार नई वेबसाइटें तैयार कर कमरा बुकिंग के नाम पर संगत को चूना लगा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सारागढ़ी निवास समेत तीन सरायों के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। सारागढ़ी निवास में कमरों का वास्तविक किराया लगभग 1000 रुपये और 1600 रुपये है, जबकि फर्जी वेबसाइटों के जरिए श्रद्धालुओं से 2500 से 3500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। कई मामलों में इससे भी अधिक राशि ऐंठने की शिकायतें मिली हैं। औसतन प्रतिदिन 5 से 6 शिकायतें दर्ज हो रही हैं, जिनमें ठग एसजीपीसी का लोगो लगाकर फर्जी रसीदें जारी करते पाए गए हैं। मैनेजर ने बताया कि इस संबंध में 7 मई 2025 को पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपी गई थी। पुलिस प्रशासन को बार-बार सूचित किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सरकार और पुलिस से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। वहीं, एसजीपीसी के इंटरनेट विभाग ने फर्जी वेबसाइटों को ब्लॉक कराने के लिए संबंधित डोमेन कंपनियों से संपर्क किया है। इस प्रयास के तहत अब तक 500 से अधिक फर्जी वेबसाइटों को बंद कराया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई से बचने के लिए साइबर ठग अब यूरोपीय डोमेन का सहारा ले रहे हैं। एसजीपीसी प्रशासन ने बताया कि श्रद्धालुओं को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही संगत से अपील की गई है कि सरायों में कमरों की बुकिंग के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट [www.sgpcsarai.com](https://www.sgpcsarai.com) का ही उपयोग करें। किसी भी अनजान वेबसाइट, फोन नंबर या क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल अवश्य कर लें।