पंजाब में नशा विवाद: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर सीएम भगवंत मती का पलटवार, कहा- पहले अपने सलाहकार से करें बात
- पंजाब
- (Asia/Kolkata)
पंजाब में नशों के कारोबार और बिगड़ती कानून व्यवस्था के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरे जाने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मती ने कड़ा पलटवार किया है। सीएम मती ने गृह मंत्री शाह को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्हें पंजाब के बारे में कोई भी बयान देने से पहले अपने सलाहकारों से पूरी सलाह-मशविरा कर लेना चाहिए था। साथ ही, उन्होंने गुजरात के कांडला बंदरगाह से भारी मात्रा में पकड़े गए नशीले पदार्थों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार की जिम्मेदारियों पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर तक के दायरे में सीमा सुरक्षा बल (BSF) का अधिकार क्षेत्र आता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गुजरात के कांडला पोर्ट से 3,000 किलो ड्रग्स पकड़े जाने के मामलों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। सीएम मती ने केंद्रीय गृह मंत्री से दोटूक शब्दों में कहा कि पंजाब को दोष देने से पहले केंद्र सरकार को अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाना चाहिए। उन्होंने शाह पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि उन्हें अपने सहयोगियों द्वारा लिखे-लिखाए गए ट्वीट बिना सोचे-समझे कॉपी करके साझा नहीं करने चाहिए। परविंदर सिंह झोटा के मामले को लेकर बढ़ा राजनीतिक टकराव यह ताजा राजनीतिक घमासान ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब में ड्रग्स सिंडिकेट और कानून व्यवस्था के हालात को लेकर 'आप' सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में नशों के अवैध कारोबार, बेकाबू गैंगस्टरों की गतिविधियों और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया था। अमित शाह ने मानसा में नशा तस्करी का कड़ा विरोध करने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या और संगरूर के दीड़बा में गुलजार सिंह की मौत का विशेष रूप से जिक्र किया था। उन्होंने पंजाब सरकार से सवाल करते हुए कहा था कि राज्य की जनता को सिर्फ कागजी दावे या वादे नहीं, बल्कि नशों के नेटवर्क के खिलाफ धरातल पर ठोस कार्रवाई और अपराधियों को मिल रही कथित राजनीतिक सरपरस्ती की निष्पक्ष जांच चाहिए। नशा तस्करी रोकने को लेकर पुरानी है बहस सीमावर्ती राज्य पंजाब में पाकिस्तान की ओर से होने वाली ड्रोन और ड्रग्स की तस्करी राज्य के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है, जिसे रोकने के लिए बीएसएफ और पंजाब पुलिस संयुक्त रूप से काम करती हैं। हालांकि, ड्रग्स के इस खेल को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर पुराना है। मुख्यमंत्री भगवंत मती इससे पहले भी कई बार गुजरात के बंदरगाहों से ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़े जाने का मुद्दा उठाते रहे हैं और आरोप लगाते रहे हैं कि केंद्र सरकार की विफलता के कारण देश के बाकी हिस्सों में नशा सप्लाई होता है। दूसरी ओर, भाजपा लगातार यह दावा करती रही है कि पंजाब सरकार राज्य में नशों के बढ़ते कारोबार को रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
Leave a Reply