राहुल द्रविड़ की वजह से अधूरी रह गई थी रोहित शर्मा की यह इच्छा; मां के एक फोन कॉल ने बदल दी किस्मत!

राहुल द्रविड़ की वजह से अधूरी रह गई थी रोहित शर्मा की यह इच्छा; मां के एक फोन कॉल ने बदल दी किस्मत!

साल 2007 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण (डेब्यू) करने के बाद से विश्व क्रिकेट में 'हिटमैन' के नाम से मशहूर हुए भारतीय कप्तान रोहित शर्मा की पीठ पर छपा 45 नंबर आज दुनिया भर के फैंस के बीच बेहद लोकप्रिय है। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि रोहित शर्मा की पहली पसंद यह जर्सी नंबर नहीं था। पूर्व कोच और दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ की वजह से उनकी एक खास इच्छा अधूरी रह गई थी, जिसके बाद उनकी मां के एक फोन कॉल ने उनकी किस्मत बदल दी। रोहित शर्मा ने अपने जर्सी नंबर के चुनाव के पीछे की एक दिलचस्प कहानी साझा करते हुए बताया कि जब वे पहली बार भारतीय टीम में शामिल हुए थे, तो वे 19 नंबर की जर्सी पहनना चाहते थे। लेकिन उस समय भारतीय टीम के कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी राहुल द्रविड़ पहले से ही 19 नंबर की जर्सी पहनते थे। इस वजह से रोहित शर्मा को उनका मनपसंद नंबर नहीं मिल सका। जब रोहित से कोई अन्य नंबर चुनने को कहा गया, तो उन्होंने अपनी मां से फोन पर सलाह ली। उनकी मां ने उन्हें 45 नंबर चुनने का सुझाव दिया। मां की सलाह मानते हुए रोहित ने 45 नंबर की जर्सी चुन ली। खास बात यह है कि इस नंबर के दोनों अंकों (4 और 5) का जोड़ 9 बनता है, जिसे बेहद शुभ माना जाता है। मां के इस सुझाव के बाद 45 नंबर की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरे रोहित शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए और दुनिया के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में अपना नाम दर्ज कराया। आज यह जर्सी नंबर 45 दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के दिलों पर राज कर रहा है।