आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे पर SC सख्त, राज्यों को तुरंत कार्रवाई के आदेश
- राष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि देश के नागरिकों को भय और खतरे से मुक्त जीवन जीने का पूरा अधिकार है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह अधिकार संविधान के तहत मिलने वाले “सम्मान के साथ जीवन जीने के अधिकार” का हिस्सा है। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने आवारा कुत्तों के पुनर्वास (रीलोकेशन) और नसबंदी से जुड़े पुराने आदेशों में बदलाव या उन्हें वापस लेने की मांग वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया। अदालत ने एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) द्वारा जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाएं भी निरस्त कर दीं। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और संवैधानिक संस्थाओं को आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए बुनियादी ढांचे को तुरंत मजबूत करने के निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस, योजनाबद्ध और निरंतर प्रयास नहीं किए गए हैं। पीठ ने टिप्पणी की कि एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) फ्रेमवर्क का क्रियान्वयन बिखरा हुआ, धन की कमी से प्रभावित और असंतुलित रहा है। अदालत ने पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु समेत कई राज्यों द्वारा अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बच्चों, बुजुर्गों और विदेशी पर्यटकों पर हो रहे कुत्तों के हमलों से आंखें नहीं मूंदी जा सकतीं। अदालत ने पिछले वर्ष 7 नवंबर को जारी अपने आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि स्कूलों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को तुरंत पकड़कर उनकी नसबंदी और टीकाकरण किया जाए तथा उन्हें निर्धारित शेल्टर होम में भेजा जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि एक बार पकड़े गए कुत्तों को दोबारा उसी स्थान पर नहीं छोड़ा जाएगा। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे और एक्सप्रेसवे से सभी लावारिस पशुओं और अन्य जानवरों को तत्काल हटाने के निर्देश भी दिए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्ष दिल्ली में कुत्तों के काटने के कारण रेबीज से बच्चों की मौतों से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों के बाद इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया था।
Leave a Reply