अंटार्कटिका यात्रा से लौटा क्रूज़ शिप जांच के घेरे में, WHO ने 9 मामलों की पुष्टि की

अंटार्कटिका यात्रा से लौटा क्रूज़ शिप जांच के घेरे में, WHO ने 9 मामलों की पुष्टि की

लंबी समुद्री यात्रा पूरी करने के बाद क्रूज़ शिप MV Hondius नीदरलैंड्स के पोर्ट ऑफ रॉटरडैम पहुंच गया है, जहां जहाज को हैंटावायरस संक्रमण के खतरे के कारण कीटाणु-मुक्त किया जाएगा। सोमवार सुबह जहाज के रॉटरडैम पहुंचने के समय उस पर 25 चालक दल के सदस्य और दो मेडिकल कर्मचारी मौजूद थे। जानकारी के अनुसार जहाज पर हैंटावायरस संक्रमण के कम से कम 11 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 9 मामलों की पुष्टि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार हैंटावायरस आमतौर पर चूहों के मल-मूत्र के कणों के जरिए हवा में फैलता है। यह वायरस इंसानों में फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है और कई मामलों में जानलेवा भी साबित होता है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी का कोई विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है और गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर जैसी सहायक चिकित्सा सेवाओं की जरूरत पड़ सकती है। यह क्रूज़ मार्च महीने में उशुआइया से रवाना हुआ था। यात्रा के दौरान जहाज ने अंटार्कटिका, फॉकलैंड द्वीप, साउथ जॉर्जिया, नाइटिंगेल द्वीप, ट्रिस्टन, सेंट हेलेना और असेंशन द्वीपों का दौरा किया। यह विशेष यात्रा अंटार्कटिका के प्राकृतिक दृश्यों को देखने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। इस क्रूज़ की टिकट कीमत 14 हजार से 22 हजार यूरो के बीच थी। इस संक्रमण के कारण अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक डच दंपति और एक जर्मन नागरिक शामिल हैं। जहाज का संचालन करने वाली कंपनी Oceanwide Expeditions ने कहा है कि इस घटना के बावजूद उसके भविष्य के संचालन पर किसी बड़े प्रभाव की संभावना नहीं है। कंपनी का अगला आर्कटिक क्रूज़ 29 मई को केफ्लाविक से रवाना होना निर्धारित है। कंपनी के अनुसार क्रूज़ जहाज पर हैंटावायरस फैलने का यह पहला ज्ञात मामला माना जा रहा है।