पालतू कुत्ते की वफादारी बनी इंसाफ की वजह, हत्या के दोषी को मिली उम्रकैद

पालतू कुत्ते की वफादारी बनी इंसाफ की वजह, हत्या के दोषी को मिली उम्रकैद

यह कहावत कि कुत्ता इंसान का सबसे वफादार दोस्त होता है, मोहाली की एक घटना ने एक बार फिर सच साबित कर दी है। एक पालतू कुत्ते ‘रॉकी’ की वफादारी और सूझबूझ ने पांच साल पुराने एक ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करने में अहम भूमिका निभाई। इसी मामले में अब अदालत ने मुख्य आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला 12 जून 2021 का है। छोटी बड़ी नग्गल गांव निवासी बकरी पालक सुच्चा सिंह रोज की तरह अपनी बकरियां चराने के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। जानकारी के अनुसार, सुच्चा सिंह ने गांव के ही जगीर सिंह उर्फ घोला को कुछ बकरियां बेची थीं, जिनके 40 हजार रुपये बाकी थे। रहस्यमय परिस्थितियों में लापता होने के बाद परिवार ने उनकी हर जगह तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। इसी दौरान सुच्चा सिंह का पालतू कुत्ता रॉकी परिवार के लिए उम्मीद की आखिरी किरण बनकर सामने आया। परिवार के सदस्यों ने देखा कि रॉकी उन्हें बार-बार खेतों की ओर ले जाता और एक विशेष स्थान पर लगातार भौंकता रहता था। उसकी इस असामान्य हरकत से परिवार को संदेह हुआ, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब उस स्थान की खुदाई करवाई तो वहां से एक शव बरामद हुआ, जिसका सिर धड़ से अलग किया गया था। बाद में उसकी पहचान लापता सुच्चा सिंह के रूप में हुई। रॉकी द्वारा मिले इस महत्वपूर्ण सुराग ने पुलिस को जांच की सही दिशा दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जगीर सिंह उर्फ घोला के खिलाफ मामला दर्ज किया और बाद में दूसरी जगह से आरोपियों द्वारा फेंका गया मृतक का सिर भी बरामद कर लिया। लंबी कानूनी प्रक्रिया और अदालती सुनवाई के बाद आखिरकार मोहाली की एक अदालत ने इस पांच साल पुराने चर्चित हत्या मामले में फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी जगीर सिंह को उम्रकैद और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि पालतू जानवरों की वफादारी और सूझबूझ कई बार जांच एजेंसियों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। भले ही सुच्चा सिंह आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके वफादार साथी रॉकी ने अपने व्यवहार से यह साबित कर दिया कि बेजुबान जानवर भी अपने प्रेम और निष्ठा से इंसाफ दिलाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।