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कैनेडा OSAP घोटाला: 'कुछ असामाजिक तत्वों' की वजह से रुकी बेगुनाह छात्रों की ग्रांट- डग फोर्ड

28 Oct, 2026 10:59 AM

ओंटारियो (कनाडा) के प्रीमियर डग फोर्ड ने बयान दिया है कि निजी करियर कॉलेज प्रणाली में मौजूद "कुछ असामाजिक तत्वों" द्वारा की गई धोखाधड़ी के कारण निर्दोष छात्रों को ओंटारियो सरकार द्वारा दी जाने वाली 'ओंटारियो स्टूडेंट असिस्टेंस प्रोग्राम' (OSAP) की सहायता से वंचित होना पड़ा है। इस फैसले को वापस लेने और छात्रों के लिए फंडिंग बहाल करने को लेकर प्रांतीय सरकार पर भारी दबाव बनाया जा रहा है। अक्टूबर के मध्य में, ओंटारियो सरकार ने प्रांत के सभी 242 प्राइवेट करियर कॉलेजों के छात्रों के लिए OSAP पहुंच पर रोक लगा दी थी। यह कदम संघीय (फेडरल) सरकार, विभिन्न संगठनों और आंतरिक ऑडिट रिपोर्टों द्वारा उठाई गई गंभीर चिंताओं के बाद उठाया गया था। ओंटारियो के कॉलेज एवं विश्वविद्यालय मंत्री नोलन क्विन ने बताया कि OSAP के दुरुपयोग की आशंकाओं के चलते जांच शुरू की गई थी, जिसकी विस्तृत समीक्षा के लिए प्रसिद्ध ऑडिटिंग फर्म KPMG को जिम्मेदारी सौंपी गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कई प्राइवेट करियर कॉलेजों के मालिकाना हक का सीधा संबंध इमीग्रेशन और भर्ती एजेंसियों से है। ये संस्थान छात्रों के वैध पंजीकरण और कक्षाओं में उपस्थिति का सत्यापन करने में विफल रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, केवल सात करियर कॉलेजों (जिनमें से अधिकांश का संचालन पंजाब के इमीग्रेशन एजेंटों से जुड़ा है) को शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के दौरान लगभग $385 मिलियन (38.5 करोड़ डॉलर) की OSAP ग्रांट मिली थी। विधानसभा में विपक्ष के तीखे सवालों का जवाब देते हुए प्रीमियर डग फोर्ड ने कहा कि सरकारी ग्रांट विश्वास के आधार पर दी जाती है, लेकिन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह ने इस व्यवस्था का गलत फायदा उठाया। उन्होंने कहा कि मामले की प्रांतीय पुलिस (OPP) से जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने वालों को जेल भेजा जाएगा। दूसरी ओर, विपक्षी लिबरल नेताओं और एमपीपी टायलर वाट ने मांग की है कि प्रभावित छात्रों की फंडिंग बहाल की जाए और लापरवाही के आरोप में विश्वविद्यालय मंत्री नोलन क्विन को पद से बर्खास्त किया जाए। यह मामला तब और तूल पकड़ गया जब पंजाब पुलिस के साइबर सेल ने मोहाली के एक इमीग्रेशन सलाहकार की शिकायत पर 35 सोशल मीडिया पोस्ट के खिलाफ मामला दर्ज किया। ये पोस्ट OSAP फंड की कथित हेराफेरी की आलोचना कर रही थीं। एफआईआर (FIR) दर्ज होने के बाद पंजाबी और कैनेडियन पत्रकारों व इमीग्रेशन सलाहकारों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष फरवरी में फोर्ड सरकार द्वारा OSAP में ग्रांट का हिस्सा 85 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया था, जिसके बाद से छात्र पहले ही वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं और कई छात्र पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हुए हैं।

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