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जामिया में 17वें दिन भी छात्रों का प्रदर्शन जारी: यूनिवर्सिटी ने लगाया तोड़फोड़ और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप

28 Oct, 2026 10:20 AM

जामिया मिलिया इस्लामिया में जामिया मिलिया इस्लामिया स्टूडेंट्स यूनियन (JMISU) की बहाली की मांग को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को 17वें दिन भी जारी रहा। यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा संविधान की मंजूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर चुनाव कराने के फैसले के बावजूद प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपना आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया है। बढ़ते तनाव के बीच, विश्वविद्यालय प्रशासन ने बुधवार को टूटी हुई खिड़कियों की तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्र जबरन कैंपस के हिस्सों में घुस आए। प्रशासन का दावा है कि छात्रों ने सर्विलांस कैमरों (सीसीटीवी) और विश्वविद्यालय की अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, अधिकारियों ने इस कथित नुकसान के संबंध में की जाने वाली कानूनी या प्रशासनिक कार्रवाई पर कोई स्पष्ट बयान जारी नहीं किया है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि प्रशासन को छात्र संघ चुनावों की एक निश्चित तारीख का ऐलान करना चाहिए। गौरतलब है कि जामिया में साल 2006 से छात्र संघ के चुनाव नहीं कराए गए हैं। छात्र संघ के संविधान को मंजूरी देने के लिए भी एक तय समय-सीमा तय करने की मांग की जा रही है। यह आंदोलन विश्वविद्यालय द्वारा सोमवार को जारी किए गए उस आदेश के बावजूद जारी है, जिसमें कहा गया था कि संविधान स्वीकृत होने के 15 दिनों के भीतर चुनाव करा लिए जाएंगे। इस आदेश में आंदोलन के दौरान छात्रों को जारी किए गए निलंबन और कारण बताओ नोटिस को रद्द करने तथा सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार की जांच के लिए एक समिति गठित करने का भी प्रावधान किया गया था। लेकिन छात्रों ने इसे नाकाफी बताते हुए कहा कि बिना किसी निश्चित समय-सीमा के यह आश्वासन अधूरा है। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे चार छात्रों में से एक, रिहान खान ने कहा कि उनकी मुख्य मांग छात्र संघ चुनावों की बहाली और चुनाव की तारीखों की स्पष्ट घोषणा है। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय के आदेश में यह भी उल्लेख किया गया था कि प्रदर्शनकारी छात्र आंदोलन के दौरान दिए गए आपत्तिजनक बयानों, कार्रवाइयों और सोशल मीडिया पोस्ट के लिए सार्वजनिक रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस में माफी मांगने पर सहमत हुए हैं। उल्लेखनीय है कि कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है और सभी पाठ्यक्रमों की कक्षाएं ऑनलाइन मोड में शिफ्ट कर दी गई हैं। इससे पहले प्रदर्शनकारी छात्रों और अर्धसैनिक बलों के जवानों के बीच झड़पें भी देखने को मिली थीं, जब पुलिस ने नारेबाजी कर रहे छात्रों को परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया था।

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