पंजाबी फिल्म 'चढ़दीकला' के निर्माताओं को बड़ी राहत: CBFC ने प्रमाणपत्र न देने के पुराने आदेश लिए वापस

पंजाबी फिल्म 'चढ़दीकला' के निर्माताओं को बड़ी राहत: CBFC ने प्रमाणपत्र न देने के पुराने आदेश लिए वापस

पंजाबी फिल्म 'चढ़दीकला' (Chardikala) के प्रमाणन और रिलीज से जुड़े मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के रीजनल ऑफिसर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को सूचित किया है कि फिल्म को सर्टिफिकेट देने से इनकार करने वाले पुराने आदेशों को वापस ले लिया गया है। इसमें एग्जामिनेशन कमेटी (Examining Committee) का 26 मई 2026 का आदेश और रिवाइजिंग कमेटी (Revising Committee) का 14 जुलाई 2026 का आदेश शामिल है। रीजनल ऑफिसर द्वारा अदालत में पेश किए गए पत्र के अनुसार, अब इस पूरे मामले पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा नए सिरे से विचार किया जाएगा। इसके साथ ही याचिकाकर्ता को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाएगा। यह बयान 'मैसर्स मैड4 फिल्म्स' (M/s Mad4 Films) के प्रोपराइटर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। याचिकाकर्ता ने CBFC की कमेटियों के उन फैसलों को अदालत में चुनौती दी थी, जिनमें फिल्म के विषय को सामाजिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील बताते हुए कानून-व्यवस्था के खतरे और सामाजिक नियमों के उल्लंघन का हवाला देकर प्रमाणपत्र देने से इनकार कर दिया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने सिनेमैटोग्राफ एक्ट 1952 की धारा 7B के तहत बोर्ड की शक्तियां CBFC के चेयरमैन को 29 अगस्त 2026 से सौंपी हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि 29 अगस्त से पहले चेयरमैन या रीजनल ऑफिसर के पास ऐसे आदेश जारी करने का कोई वैध क्षेत्राधिकार नहीं था। अदालत के अनुसार 26 मई और 14 जुलाई को जारी किए गए आदेश बिना अधिकार क्षेत्र वाले अधिकारियों द्वारा पास किए गए थे, जो सिनेमैटोग्राफ एक्ट 1952 की धारा 4 का स्पष्ट उल्लंघन था। इसके साथ ही अदालत ने बिना किसी ठोस निर्णय के इस मामले को चार महीने तक लटकाए रखने के लिए बोर्ड की कार्यप्रणाली की आलोचना भी की। सुनवाई के दौरान भारत सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्या पाल जैन ने अदालत को आश्वासन दिया कि नियमानुसार एक नई एग्जामिनेशन कमेटी का गठन करके प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। CBFC द्वारा पुराने आदेश वापस लिए जाने के बयान के बाद हाईकोर्ट ने इस याचिका का निपटारा कर दिया।