जामिया में 21 साल बाद होंगे छात्र संघ चुनाव: आंदोलन के आगे झुका प्रशासन, निलंबन नोटिस किए रद्द

जामिया में 21 साल बाद होंगे छात्र संघ चुनाव: आंदोलन के आगे झुका प्रशासन, निलंबन नोटिस किए रद्द

जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) विश्वविद्यालय में पिछले कुछ दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रशासन लगभग 21 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कैंपस में छात्र संघ चुनाव आयोजित कराने पर सहमत हो गया है। इसके साथ ही, विरोध प्रदर्शनों के दौरान विद्यार्थियों को जारी किए गए निलंबन और 'कारण बताओ' (Show Cause) नोटिसों को भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। यह निर्णय 26 अक्टूबर को विश्वविद्यालय अधिकारियों द्वारा भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों और उनके प्रतिनिधियों के साथ बैठक तथा उनके द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर विचार-विमर्श करने के बाद सामने आया है। चुनाव की शर्तें और संवैधानिक मंजूरी विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, "जामिया मिलिया इस्लामिया छात्र संघ चुनाव, छात्र संघ के संविधान को स्वीकृति मिलने की तिथि के 15 दिनों के भीतर कराए जाएंगे।" हालांकि, प्रशासन ने चुनाव की किसी निश्चित तारीख की घोषणा नहीं की है, क्योंकि पूरा चुनावी कार्यक्रम संविधान की अंतिम मंजूरी पर निर्भर करेगा। अनुशासनात्मक कार्रवाई रद्द और सुरक्षाकर्मियों पर जांच प्रदर्शनकारी छात्रों को बड़ी राहत देते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने आंदोलन के दौरान जारी किए गए सभी निलंबन और अनुशासनात्मक नोटिस वापस ले लिए हैं। इसके अलावा, प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार और कार्रवाई को लेकर उठे सवालों पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने एक जांच समिति गठित करने का भी ऐलान किया है। सार्वजनिक माफी और सोशल मीडिया पोस्ट हटाने की शर्त प्रशासन ने यह राहत कुछ शर्तों के साथ प्रदान की है। आदेश के मुताबिक, आंदोलनकारी छात्रों ने यह आश्वासन दिया है कि वे आंदोलन के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ दिए गए किसी भी अपमानजनक बयान, कार्रवाई या सोशल मीडिया पोस्ट के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगे। साथ ही, ऐसी सभी पोस्ट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से तुरंत हटाया जाएगा, जिसकी निगरानी प्रशासन द्वारा की जाएगी। आंदोलन की पृष्ठभूमि उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संघ चुनावों की बहाली, कैंपस में प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंधों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई के विरोध में पिछले कुछ दिनों से आंदोलन बेहद तेज हो गया था। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने आगामी आदेशों तक कक्षाओं को ऑनलाइन मोड में स्थानांतरित कर दिया था। वहीं, छात्रों ने आरोप लगाया था कि कैंपस में प्रवेश न मिलने पर पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। अब प्रशासन द्वारा मांगें मान लिए जाने के बाद कैंपस में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।