संदीप पाठक मामले में पंजाब सरकार की भूमिका पर हाई कोर्ट ने जताई नाराजगी
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने राज्यसभा सांसद संदीप पाठक को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ किसी भी कठोर कार्रवाई पर लगी रोक को अगले सप्ताह तक बढ़ा दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अदालत की अनुमति के बिना पंजाब सरकार संदीप पाठक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी। मामले की सुनवाई के दौरान संदीप पाठक के वकील रणदीप राय ने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार अदालत के साथ “लुका-छिपी” का खेल खेल रही है। वकील ने दलील दी कि बार-बार पूछे जाने के बावजूद सरकार यह स्पष्ट नहीं कर रही कि पाठक के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज की गई है या नहीं। मुख्य न्यायाधीश शील नागू की पीठ के समक्ष वकील ने कहा कि पिछली सुनवाई में भी अदालत ने यही सवाल पूछा था, लेकिन इस बार भी सरकारी पक्ष ने जवाब दिया कि उनके पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। संदीप पाठक के वकील ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि राजनीतिक बदलाव के बाद पाठक के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज होने की चर्चा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि हर नागरिक को यह जानने का अधिकार है कि उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई शुरू हुई है या नहीं। वहीं, पंजाब सरकार की ओर से पेश वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह मामला केवल मीडिया रिपोर्टों और आशंकाओं पर आधारित है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि गिरफ्तारी का डर था तो संदीप पाठक को अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करना चाहिए था। अदालत ने भी टिप्पणी की कि गिरफ्तारी की आशंका की स्थिति में अग्रिम जमानत का विकल्प उपलब्ध होता है। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने यह भी हैरानी जताई कि सरकार एक सीधे सवाल का स्पष्ट जवाब क्यों नहीं दे रही। अदालत ने कहा कि पहले यह बताया जाए कि एफआईआर दर्ज है या नहीं, उसके बाद ही अन्य दलीलों पर सुनवाई की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई अब अगले सप्ताह होगी।
Posted By: Daily Suraj Bureau