धार्मिक धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल पर पंजाब में प्रदर्शन: "हनुमान वाले हिस्से का विरोध क्यों, अश्लीलता पर चुप्पी क्यों?"

धार्मिक धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल पर पंजाब में प्रदर्शन: "हनुमान वाले हिस्से का विरोध क्यों, अश्लीलता पर चुप्पी क्यों?"

पंजाब में धार्मिक भावनाओं, सांस्कृतिक मूल्यों और अश्लीलता के खिलाफ समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा लगातार आवाज उठाई जा रही है। हाल ही में आयोजित एक सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन के दौरान नागरिकों ने हाथों में तख्तियां और बड़े बैनर लेकर तीखा सवाल खड़ा किया— "हनुमान वाले हिस्से का विरोध क्यों, अश्लीलता 'ते चुप क्यों?" (अर्थात् भगवान हनुमान से जुड़े अंश या संदर्भ पर विरोध क्यों जताया जा रहा है, जबकि समाज में फैल रही अश्लीलता पर सब चुप हैं?) दोहरे रवैये पर कड़ा ऐतराज प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक तरफ जब किसी धार्मिक या पारंपरिक संदर्भ, जैसे भगवान हनुमान से जुड़ी कथाओं या प्रसंगों को प्रस्तुत किया जाता है, तो उस पर तुरंत विवाद और विरोध शुरू हो जाता है। वहीं दूसरी ओर, मीडिया, गानों और सोशल मीडिया पर परोसी जा रही नग्नता और अश्लीलता पर समाज व प्रशासन चुप्पी साध लेता है। इस दोहरे मापदंड को लेकर स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। सांस्कृतिक मर्यादा की रक्षा की मांग विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और पुरुषों ने संयुक्त रूप से मांग की कि प्रशासन और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को अश्लीलता फैलाने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि समाज में नैतिक मूल्यों और धार्मिक आस्थाओं का सम्मान किया जाना चाहिए तथा बिना किसी कारण धार्मिक आस्था से जुड़े प्रसंगों को निशाना बनाना बंद होना चाहिए।