चुनावी तैयारियों को मजबूती देने के लिए पंजाब सरकार ने सेवा नियमों में किया संशोधन
- पंजाब
- (Asia/Kolkata)
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में पंजाब मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य प्रशासन और चुनावी व्यवस्था से जुड़े कई अहम निर्णयों को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए राज्य की चुनावी मशीनरी को मजबूत बनाने के लिए चुनाव विभाग के सेवा नियमों में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की है। सरकार के अनुसार, इस फैसले से लंबे समय से लंबित प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने में मदद मिलेगी। साथ ही मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) कार्य को सुचारु और निर्बाध तरीके से पूरा किया जा सकेगा। इसके अलावा चुनाव संबंधी कार्यों के लिए आवश्यक कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा महत्वपूर्ण रिक्त पदों को भरने का मार्ग भी प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, मंत्रिमंडल ने चुनाव कानूनगो के पद से चुनाव तहसीलदार के पद पर पदोन्नति के लिए आवश्यक अनुभव की अवधि को 15 वर्ष से घटाकर 12 वर्ष करने के लिए चुनाव विभाग के सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी है। यह संशोधन विभाग में चुनाव तहसीलदार के सात पद रिक्त होने के कारण आवश्यक माना गया। मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष पुनरीक्षण और आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर चुनाव संबंधी कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए चुनाव तहसीलदारों की सेवाओं की तत्काल आवश्यकता बताई गई है। मौजूदा नियमों के तहत पदोन्नति के लिए 15 वर्ष के अनुभव की अनिवार्यता है और वर्तमान में कार्यरत चुनाव कानूनगो में से कोई भी अधिकारी इस शर्त को पूरा नहीं करता। इसी कारण विभाग ने अनुभव की अनिवार्य अवधि को घटाकर 12 वर्ष करने का प्रस्ताव रखा था, ताकि योग्य अधिकारियों को पदोन्नति देकर रिक्त पदों को भरा जा सके और चुनावी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। बैठक के दौरान मंत्रिमंडल ने वर्ष 2025-26 के लिए जल संसाधन विभाग की वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट को भी मंजूरी प्रदान की। सरकार का कहना है कि इस रिपोर्ट की स्वीकृति से विभाग के प्रशासनिक कार्यों और उपलब्धियों का बेहतर दस्तावेजीकरण तथा समीक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
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