परविंदर झोटा हत्याकांड: पीजीआई चंडीगढ़ में होगा पोस्टमार्टम, मजिस्ट्रेट करेंगे कानूनी पड़ताल

परविंदर झोटा हत्याकांड: पीजीआई चंडीगढ़ में होगा पोस्टमार्टम, मजिस्ट्रेट करेंगे कानूनी पड़ताल

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने स्पष्ट किया है कि दिवंगत नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा का पोस्टमार्टम पीजीआई चंडीगढ़ (PGIMER) में विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया जाएगा, जबकि मामले की कानूनी पड़ताल ( inquest) शहर के एक मजिस्ट्रेट की देखरेख में पूरी की जाएगी। झोटा की हत्या के बाद बनाई गई साझा एक्शन कमेटी और परिवार की प्रमुख मांगों में पीजीआई के वरिष्ठ डॉक्टरों से पोस्टमार्टम करवाना शामिल था। परिवार ने मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया था। चंडीगढ़ में यह कार्रवाई सीबीआई द्वारा हत्या के इस सनसनीखेज मामले की जांच आधिकारिक रूप से अपने हाथों में लेने के बाद शुरू हुई है। जांच एजेंसी ने मामला दर्ज कर विशेषज्ञों की एक विशेष टीम का गठन किया है, जिसने मानसा पहुंचकर स्थानीय पुलिस से केस से जुड़े तमाम दस्तावेज और जब्त किया गया सामान सौंपने का अनुरोध किया है। गौरतलब है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए इस मामले को सीबीआई को सौंपने की घोषणा की थी। उसी दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मानसा पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी, जिसके कुछ ही घंटों बाद सीबीआई की टीम मानसा पहुंच गई थी। क्या था पूरा मामलाबता दें कि नशा विरोधी अभियान से जुड़े 42 वर्षीय परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा की एक मेडिकल दुकान पर फेसबुक लाइव के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना प्रतिबंधित नशीली दवाओं की कथित बिक्री को लेकर उपजे विवाद के बाद हुई थी। मुख्य आरोपी मेडिकल स्टोर मालिक अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया था। इस हत्याकांड के बाद राज्य में भारी रोष देखा गया था। मृतक के पिता भीम सिंह एक सेवानिवृत्त फौजी हैं।