राज्यसभा घटनाक्रम के बाद ‘आप’ का फोकस संगठन बचाने पर
- राष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
राज्यसभा सचिवालय द्वारा आम आदमी पार्टी (आप) के सात सदस्यों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को मंजूरी दिए जाने के बाद पार्टी की चिंता अब अपने पंजाब के 94 विधायकों को एकजुट बनाए रखने पर केंद्रित हो गई है। हालिया घटनाक्रम के बाद पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है और संभावित टूट को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। सूत्रों के अनुसार, स्थिति को संभालने के लिए पार्टी हाईकमान ने बुधवार सुबह जालंधर में विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधायकों को संगठन को मजबूत बनाए रखने और कैडर में किसी भी प्रकार की टूट को रोकने के उपायों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि संदीप पाठक ने संगठनात्मक ढांचे को निचले स्तर तक खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई थी और वे पदाधिकारियों के साथ सीधे संपर्क में रहे हैं। ऐसे में मौजूदा परिस्थितियों में संगठन को एकजुट बनाए रखना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। इसी बीच, कुछ विधायकों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। मालवा क्षेत्र के एक विधायक ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि सांसदों के दलबदल से उत्पन्न प्रारंभिक झटका अब कम हो गया है, लेकिन संगठन को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष रूप से फिरोजपुर, पटियाला और रोपड़ के उन विधायकों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, जिन्हें 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान राघव चड्ढा या संदीप पाठक की सिफारिश पर टिकट मिला था। पार्टी ने कुछ भरोसेमंद विधायकों को निर्देश दिए हैं कि वे इन ‘संदिग्ध’ साथियों की दैनिक गतिविधियों और राज्य से बाहर जाने जैसी किसी भी हलचल पर नजर रखें, ताकि किसी संभावित टूट को समय रहते रोका जा सके।
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