गेहूं कटाई के बीच भी किसानों का विरोध जारी, मुआवजे पर उठे सवाल

गेहूं कटाई के बीच भी किसानों का विरोध जारी, मुआवजे पर उठे सवाल

भारतमाला सड़क परियोजना के विरोध में किसानों का धरना लगातार जारी है, जबकि दूसरी ओर गेहूं की कटाई का काम भी पूरे जोर पर चल रहा है। किसानों ने परियोजना से जुड़े कार्य को रोक रखा है और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। रोड संघर्ष समिति के अध्यक्ष जग्गा सिंह शाहना ने बताया कि पिछले 15 दिनों से किसान लगातार धरने पर बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन 12 गांवों में जारी है। गेहूं की कटाई के व्यस्त मौसम को देखते हुए रोजाना 12 से 15 किसानों की ड्यूटी धरने में लगाई जा रही है, ताकि विरोध जारी रखा जा सके। किसानों का आरोप है कि भारतमाला परियोजना के अधिकारियों द्वारा मुआवजे के मामले में भेदभाव किया गया है। उनके अनुसार, बरनाला जिले के जिन किसानों की जमीन इस परियोजना में शामिल हुई है, उन्हें लगभग 58 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया गया है, जबकि लुधियाना जिले में इसी परियोजना के तहत किसानों को करीब 80 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मिला है। किसानों का कहना है कि जब जमीन और सड़क एक ही है, तो मुआवजे में अंतर क्यों है। किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक प्रशासन या परियोजना से जुड़े अधिकारी मुआवजे का मुद्दा हल नहीं करते, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। इस बीच, मामले को लेकर डीएसपी बलजीत सिंह ने किसानों के साथ बैठक की। उन्होंने किसानों की समस्याओं को सुनकर उन्हें उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर थाना शाहना की एसएचओ रेनू परोचा भी मौजूद रहीं। धरने में कई किसान, जिनमें काला सिंह, तेजा सिंह, गुरमेल सिंह, बूटा सिंह, केवल सिंह, बलवीर सिंह और गुरचरण सिंह शामिल थे, उपस्थित रहे। किसानों ने कहा कि गेहूं के सीजन के बावजूद वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।