मध्य प्रदेश बोट त्रासदी: सुरक्षा मानकों और बचाव कार्यों की होगी गहन जांच
मध्य प्रदेश सरकार ने जबलपुर जिले के बरगी डैम में हुए दर्दनाक नाव हादसे की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। राज्य सरकार ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया है। यह हादसा 30 अप्रैल को हुआ था, जब राज्य पर्यटन विभाग की एक क्रूज नाव बरगी डैम में पलट गई थी। हादसे के बाद पूरे प्रदेश में शोक और चिंता का माहौल बन गया था। अब सरकार ने इस घटना के कारणों और संभावित लापरवाही की जांच के लिए रिटायर्ड हाई कोर्ट जज संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोग गठित किया है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह आयोग अगले तीन महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। आयोग हादसे के पीछे के कारणों की जांच करेगा और यह भी पता लगाएगा कि बचाव एवं राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या नहीं। साथ ही, इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की भी पहचान की जाएगी। जांच आयोग भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा संबंधी नए सुझाव भी देगा। इसके तहत इनलैंड वेसल्स एक्ट 2021 और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नावों के ऑडिट और सुरक्षा प्रमाणन के नियम तय किए जाएंगे। इसके अलावा, जल क्रीड़ा गतिविधियों और क्रूज संचालन के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाएगी। पर्यटन स्थलों पर आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) के गठन की व्यवस्था भी की जाएगी। सरकार का कहना है कि न्यायिक जांच का उद्देश्य पूरे मामले में पारदर्शिता बनाए रखना और आम जनता का भरोसा कायम रखना है।
Posted By: Daily Suraj Bureau