बंगाल-तमिलनाडु चुनाव: लंबी कतारें, कई जगह तकनीकी दिक्कतें और छिटपुट हिंसा
- राष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
विधानसभा चुनाव 2026 के तहत पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में पहले चरण का मतदान आज सुबह 7 बजे शांतिपूर्ण माहौल में शुरू हुआ। चुनाव आयोग के अनुसार सुबह 11 बजे तक पश्चिम बंगाल में 41.11 प्रतिशत और तमिलनाडु में 37.57 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। तमिलनाडु में तिरुपुर जिला 42.45 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे आगे रहा, जबकि नीलगिरि में सबसे कम 32.62 प्रतिशत वोट डाले गए। चेन्नई में 35.47 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर में 44.68 प्रतिशत और झारग्राम में 43.71 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जबकि मालदा में सबसे कम 38.22 प्रतिशत मतदान हुआ। उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी से लेकर दक्षिण के मुर्शिदाबाद, नादिया और हुगली जिलों तक मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं। यहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। चुनाव आयोग के मुताबिक इस चरण में लगभग 3.6 करोड़ मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे, जिनमें करीब 1.75 करोड़ महिलाएं और 465 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चरण राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश में हैं, जबकि भाजपा इस बार बड़ा उलटफेर करने के प्रयास में है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 2,450 कंपनियां तैनात की गई हैं, जिनमें लगभग ढाई लाख जवान शामिल हैं। 8,000 से अधिक मतदान केंद्रों को ‘अति संवेदनशील’ घोषित किया गया है। मालदा, मुर्शिदाबाद, कूचबिहार और बीरभूम जिलों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा 2,193 से अधिक त्वरित प्रतिक्रिया टीमें (QRT) और फ्लाइंग स्क्वॉड भी तैनात किए गए हैं। तकनीकी खामियां और हिंसा की घटनाएं कुछ इलाकों में ईवीएम मशीनों में खराबी के कारण मतदान में देरी हुई। मुर्शिदाबाद, मालदा और सिलीगुड़ी के कई मतदान केंद्रों पर तकनीकी समस्याओं के चलते मतदान कुछ समय के लिए बाधित रहा। नंदीग्राम के बीरुलिया इलाके में भी ऐसी ही समस्या सामने आई। मतदान से पहले बीती रात कुछ स्थानों पर हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं। मुर्शिदाबाद के नाओदा क्षेत्र में एक स्कूल के पास देसी बम फेंके गए, जिसमें एक महिला घायल हो गई, जबकि तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार साहिना मुमताज खान इस हमले में बाल-बाल बच गईं। कूचबिहार के सीतलकुची में भाजपा नेता पर हमले का आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगाया गया है। डोमकल में एक सीपीएम कार्यकर्ता और उसके बेटे पर भी हमला होने की खबर है। इसी बीच, झारग्राम जिले के एक मतदान केंद्र के पास जंगली हाथी के पहुंच जाने से मतदाताओं में अफरा-तफरी मच गई। चुनाव आयोग ने इन घटनाओं का संज्ञान लेते हुए संबंधित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं और रिपोर्ट तलब की है। तमिलनाडु में भी कड़ा मुकाबला तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके और विपक्षी एआईएडीएमके के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। इसके अलावा अन्य दलों की मौजूदगी ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। राज्य में 5.73 करोड़ मतदाता 4,023 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। इसके लिए 33,133 स्थानों पर कुल 75,064 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं।
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