एक सप्ताह की बारिश ने बदली तस्वीर, कई जिलों में औसत से कई गुना ज्यादा वर्षा
- पंजाब
- (Asia/Kolkata)
पंजाब में इस सप्ताह हुई बेमौसम बारिश के कारण राज्य में वर्षा का स्तर सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया है। अप्रैल की शुरुआत तक जहां बारिश में कमी बनी हुई थी, वहीं 1 अप्रैल से 8 अप्रैल की सुबह तक 23.9 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो इस अवधि के औसत 3.4 मिमी से 603 प्रतिशत अधिक है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मार्च महीने से अब तक कुल 41.2 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य 25.9 मिमी के मुकाबले 59 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, मार्च माह के दौरान वर्षा 25 प्रतिशत कम दर्ज की गई थी। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) द्वारा 8 अप्रैल को जारी बुलेटिन के मुताबिक, पंजाब के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों में राज्य के सभी जिलों में औसतन 13.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। जिला स्तर पर देखें तो मोगा में सबसे अधिक 40 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि रोपड़ में 34.8 मिमी, मोहाली में 23.8 मिमी और फाजिल्का में 21 मिमी वर्षा हुई। दूसरी ओर, होशियारपुर में सबसे कम 2.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई। फाजिल्का (250%), फिरोजपुर (241%) और बरनाला (237%) में वर्षा सामान्य से काफी अधिक रही, जबकि होशियारपुर, लुधियाना, जालंधर और फतेहगढ़ साहिब में बारिश की कमी दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो गुरदासपुर में अधिकतम तापमान 31.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बठिंडा में न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, दिन का तापमान सामान्य से काफी कम रहा है। इस बारिश का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ को बताया गया है, जो उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के ऊपर चक्रवाती हवाओं के रूप में सक्रिय है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 8 अप्रैल को पंजाब के कुछ हिस्सों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके बाद 9 अप्रैल से राज्य में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है। तापमान में अगले 24 घंटों के दौरान कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है। वहीं, पड़ोसी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 9 से 11 अप्रैल के बीच हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, 11 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है।
Leave a Reply