नकली दवा रैकेट: एसआईटी ने चेन्नई से मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार; मामले में अब तक कुल 7 लोग गिरफ्तार
- राष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
नकली दवाओं के अवैध कारोबार और रैकेट की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने एक अन्य मुख्य आरोपी बासुसुब्रमण्यम को चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि कथित मुख्य साजिशकर्ता (किंगपिन) प्रशांत रंजन बाबू की गिरफ्तारी के बाद आरोपी बासुसुब्रमण्यम की यह गिरफ्तारी इस मामले में एक बड़ा और अहम मोड़ है। इस नई गिरफ्तारी के साथ ही इस नकली दवा रैकेट के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर सात हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक, चेन्नई स्थित फार्मा पार्टनर के रूप में पहचाने जाने वाले बासुसुब्रमण्यम ‘डीएम फार्मा’ (DM Pharma) नामक फार्मास्युटिकल कंपनी में मुख्य आरोपी प्रशांत रंजन के व्यावसायिक साझेदार थे। जांच में यह बात सामने आई है कि उसने कथित तौर पर नकली दवाओं के निर्माण और उनकी आपूर्ति व वितरण नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मुख्य साजिशकर्ता प्रशांत रंजन से की गई पूछताछ के दौरान मिले सुरागों और जानकारियों के आधार पर एसआईटी ने यह कार्रवाई की है। अदालत में पेश किए जाने के बाद आरोपी बासुसुब्रमण्यम को आगामी और विस्तृत पूछताछ के लिए सात दिन की एसआईटी हिरासत में भेज दिया गया है। इससे पहले, एसआईटी ने सोमवार को बेंगलुरु के कैंपेगोड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मुख्य आरोपी प्रशांत रंजन बाबू को उस समय गिरफ्तार किया था जब वह अजरबैजान से भारत लौटा था। पुलिस के अनुसार, नकली दवाओं के इस नेटवर्क का भंडाफोड़ होने के बाद प्रशांत कथित तौर पर अजरबैजान भाग गया था, जहां जांच टीम ने उसका सुराग लगाया था। एसआईटी के कड़े दबाव के बाद वह भारत वापस लौटा और हवाई अड्डे पर उतरते ही उसे हिरासत में ले लिया गया। जांचकर्ता अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रहे हैं कि यह नकली दवा नेटवर्क कितना बड़ा था, इसका निर्माण और वितरण कहां-कहां किया जाता था और यह अवैध रैकेट पिछले कितने समय से चल रहा था। उल्लेखनीय है कि बेंगलुरु केंद्रित इस बड़े घोटाले के दौरान 5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नकली, एक्सपायरी और री-लेबल की गई जीवन रक्षक, आईसीयू (ICU) और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं बरामद की गई थीं। एक स्थानीय फार्मेसी मालिक की गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा हुआ था कि इस अवैध नेटवर्क द्वारा 90 से अधिक अस्पतालों और क्लीनिकों को घटिया व नकली दवाएं सप्लाई की जा रही थीं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी ने कर्नाटक, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में कई ठिकानों पर छापेमारी की है। कर्नाटक फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने इस सिलसिले में 16 ड्रग लाइसेंस रद्द कर दिए हैं और घोटाले से जुड़े खुदरा विक्रेताओं, थोक विक्रेताओं तथा वितरकों से संबंधित आठ अन्य लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। सवास्थ्य विभाग और एसआईटी इस बात का भी आकलन करने में जुटे हैं कि इस अवैध नेटवर्क से प्रभावित होने वाले मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति कैसी है, साथ ही जनता से अपील की गई है कि वे दवाओं की पैकेजिंग और क्यूआर कोड की जांच सावधानी से करें।
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