मेडिकल स्टोर संचालक की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा, शव नहर में फेंका गया

मेडिकल स्टोर संचालक की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा, शव नहर में फेंका गया

श्रीगंगानगर पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक कपिल जिंदल के अपहरण और हत्या के मामले की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मलोट निवासी सुखविंदर कौर उर्फ राधिका (40) भी शामिल है, जो मृतक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। पुलिस ने सुखविंदर कौर के अलावा उसके दो बेटों गुरप्रीत सिंह उर्फ बंटी और अमनदीप सिंह उर्फ बॉबी नागरा, निवासी टपाखेड़ा (मलोट), उनके दो दोस्तों सिकंदर सिंह निवासी शाम खेड़ा और सतपाल सिंह निवासी गुरुसर जोधा (मुक्तसर) तथा सुखविंदर कौर के दामाद गुरदर्शन सिंह निवासी हनुमानगढ़ को भी गिरफ्तार किया है। इन सभी पर श्रीगंगानगर में मेडिकल स्टोर चलाने वाले कपिल जिंदल के अपहरण और हत्या का आरोप है। पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह करीब 2 बजे कपिल जिंदल को उसके किराए के मकान से अगवा किया गया था। अपहरण के कुछ समय बाद ही आरोपियों ने कथित तौर पर उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने शव को कार की डिग्गी में रखकर इंदिरा गांधी नहर में फेंक दिया था। बाद में कपिल जिंदल का शव इंदिरा गांधी नहर के मसीतावाली हेडवर्क्स से बरामद किया गया। इस मामले में पहले अपहरण और मारपीट का केस दर्ज किया गया था, लेकिन शव मिलने के बाद इसे हत्या के मामले में बदल दिया गया। यह मामला कपिल के मामा विनय गर्ग और पिता तेजपाल जिंदल की संयुक्त शिकायत पर दर्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक, सुखविंदर कौर की शादी पंजाब के जल संसाधन विभाग के कर्मचारी शमशेर सिंह से हुई थी। जालंधर स्थित एक धार्मिक स्थल की यात्रा के दौरान उसकी कपिल जिंदल से पहचान हुई थी। करीब एक वर्ष पहले उसके पति की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उसे सरकार से आर्थिक सहायता मिली थी। बताया जा रहा है कि उसने उसी सहायता राशि से कपिल को मेडिकल स्टोर चलाने में मदद की थी। पिछले छह महीनों से दोनों एक किराए के मकान में साथ रह रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि लगभग एक महीने पहले सुखविंदर कौर के दोनों बेटे जेल से जमानत पर बाहर आए थे। दोनों को चार साल पहले नशा तस्करी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, सुखविंदर कौर के दामाद ने दोनों बेटों को उनकी मां और कपिल के संबंधों के बारे में जानकारी दी थी। बेटों को शक था कि उनकी मां ने अपनी सारी आर्थिक सहायता कपिल को दे दी है। पुलिस ने बताया कि रविवार रात करीब 1 बजे बॉबी और बंटी अपने दो दोस्तों और जीजा के साथ कपिल जिंदल के घर पहुंचे। वहां उन्होंने कथित तौर पर कपिल की पिटाई की, उसके हाथ-पैर बांधकर उसे कार की डिग्गी में डाल दिया और सुखविंदर कौर को भी अपने साथ ले गए। हनुमानगढ़ पहुंचने पर उन्हें पता चला कि कपिल की मौत हो चुकी है। इसके बाद आरोपियों ने सुखविंदर कौर को श्रीगंगानगर वापस जाकर पुलिस को यह बताने के लिए कहा कि कुछ अज्ञात लोगों ने कपिल का अपहरण कर लिया है। उसने पुलिस को वही जानकारी दी, लेकिन जांच के दौरान वह खुद संदेह के घेरे में आ गई, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।