भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को मिली नई गति, रक्षा और व्यापारिक साझेदारी होगी और मजबूत
ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने भारत को ऑस्ट्रेलिया का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत होगा। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के व्यापार मंत्री डॉन फैरेल ने भारत को तेजी से उभरती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था बताते हुए व्यापार और निवेश साझेदारी को और विस्तार देने की आवश्यकता पर बल दिया। हाल ही में जून महीने में कैनबरा में आयोजित भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान दोनों देशों ने रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यासों तथा रक्षा उद्योग में साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्वतंत्र, सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवागमन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई। आंकड़ों के अनुसार, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार 50 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर से अधिक पहुंच चुका है। पिछले पांच वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार में लगभग 35 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ती निकटता को दर्शाती है। ऑस्ट्रेलिया भारत के लिए कोयला, खनिज और शिक्षा सेवाओं का प्रमुख स्रोत बना हुआ है, जबकि भारत ऑस्ट्रेलिया के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), सेवाओं और कुशल श्रमिकों का तेजी से विकसित होता बाजार बनकर उभर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग और अधिक गहरा हो सकता है। उनका मानना है कि यह साझेदारी दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगी।
Posted By: Daily Suraj Bureau