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ऑस्ट्रेलिया में H5N1 बर्ड फ्लू के 7 नए संदिग्ध मामले, निगरानी बढ़ाई गई

27 Jul, 2026 12:20 PM

दक्षिण ऑस्ट्रेलिया (एसए) के अधिकारियों ने सोमवार को घातक H5N1 बर्ड फ्लू के सात नए संदिग्ध मामलों की जानकारी दी है। इन मामलों के सामने आने के बाद संबंधित क्षेत्रों में निगरानी और जांच तेज कर दी गई है। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की प्राथमिक उद्योग एवं क्षेत्रीय विकास मंत्री क्लेयर स्क्राइवेन ने पत्रकारों को बताया कि सभी सात संदिग्ध मामले राज्य के दक्षिण-पूर्व स्थित लाइमस्टोन कोस्ट क्षेत्र में पाए जाने वाले ग्रेटर क्रेस्टेड टर्न पक्षियों में मिले हैं। उन्होंने बताया कि इन सात मामलों में से पांच केवल दो दिनों के भीतर एक ही शहर में दर्ज किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी सात पक्षियों के नमूनों की प्रारंभिक जांच स्थानीय स्तर पर की गई है। अब इन्हें ऑस्ट्रेलियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिपेयर्डनेस भेजा गया है, जहां पुष्टि की जाएगी कि क्या इन मामलों में स्थानीय स्तर पर संक्रमण का प्रसार हुआ है। यदि इन सभी मामलों की पुष्टि हो जाती है, तो जून के मध्य में ऑस्ट्रेलियाई मुख्य भूमि पर पहली बार इस अत्यधिक रोगजनक H5N1 स्ट्रेन की पहचान के बाद देश में कुल मामलों की संख्या बढ़कर 27 हो जाएगी। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी स्काई फ्राउली ने कहा कि स्थानीय प्रशासन उन क्षेत्रों में निगरानी और तेज करेगा, जहां समुद्री पक्षियों की ऐसी प्रजातियां पाई जाती हैं जिन्हें इस वायरस के संभावित वाहक के रूप में उच्च जोखिम वाला माना जाता है। इनमें क्रेस्टेड टर्न भी शामिल हैं। इससे पहले सोमवार को कृषि, मत्स्य पालन एवं वानिकी मंत्री जूली कॉलिन्स ने कहा था कि ऑस्ट्रेलिया में अब तक H5N1 के कारण पक्षियों की सामूहिक मौत की कोई घटना सामने नहीं आई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश की पोल्ट्री या कृषि प्रणालियों में इस वायरस के फैलने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री ने कहा कि मानव स्वास्थ्य के लिए इस वायरस का जोखिम फिलहाल कम बना हुआ है। H5N1 एक अत्यधिक रोगजनक एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस है, जो पक्षियों के बीच तेजी से फैलता है। यह एक जूनोटिक बीमारी है, यानी यह जानवरों से इंसानों में भी फैल सकती है। हालांकि यह वायरस स्तनधारियों के लिए अपेक्षाकृत कम अनुकूल माना जाता है, लेकिन हाल के वर्षों में स्तनधारियों में इसके संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी गई है और स्तनधारियों के बीच संक्रमण फैलने की घटनाएं भी दर्ज की गई हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वर्ष 2003 से दिसंबर 2025 के बीच दुनिया भर में H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा के 993 पुष्ट मानव मामले दर्ज किए गए, जिनमें 477 लोगों की मृत्यु हुई।

Posted By: Daily Suraj Bureau

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