फरीदकोट में बड़ा ड्रग रैकेट बेनकाब, सेना जवान समेत 6 गिरफ्तार

फरीदकोट में बड़ा ड्रग रैकेट बेनकाब, सेना जवान समेत 6 गिरफ्तार

पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ के तहत फरीदकोट पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पाकिस्तान-समर्थित अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक सेना जवान और बर्खास्त पुलिस कर्मचारी सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 4.8 किलोग्राम हेरोइन, एक .30 बोर पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। यह जानकारी Gaurav Yadav ने देते हुए बताया कि यह सफलता दो महीने की पुख्ता जेल निगरानी और गुप्त ऑपरेशन का नतीजा है। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आया है कि आरोपी सीधे पाकिस्तान-आधारित तस्करों के संपर्क में थे, जो ड्रोन के जरिए भारत में हेरोइन की खेप भेज रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जरनैल सिंह उर्फ गोल्डी (लुधियाना, वर्तमान में सेना में कार्यरत), अमरदीप सिंह उर्फ बॉक्सर (बर्खास्त पीएपी कर्मचारी), डिंपल रानी (फिरोजपुर), रमनदीप कौर, सरबजीत सिंह उर्फ सब्बा और अमृतपाल सिंह उर्फ अभिजोत (सभी निवासी मोगा) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 30 हजार रुपये की ड्रग मनी और दो वाहन—थार और XUV-500—भी जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल तस्करी में किया जा रहा था। मामले की जानकारी देते हुए Pragya Jain ने बताया कि 20-21 फरवरी की रात सीआईए स्टाफ ने ग्रीन एवेन्यू के पास एक थार गाड़ी को रोका। डीएसपी तरलोचन सिंह के नेतृत्व में तलाशी के दौरान 1.008 किलोग्राम हेरोइन और नकदी बरामद हुई, जिसके बाद चार आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए गांव गोलियाना सेमनाला के पास मुख्य आरोपी अमरदीप सिंह उर्फ बॉक्सर और उसकी साथी डिंपल रानी को काबू किया। इनके कब्जे से 3.796 किलोग्राम हेरोइन और एक पिस्तौल बरामद की गई। एसएसपी ने बताया कि मुख्य सरगना अमरदीप सिंह पर पहले से ही 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि अन्य आरोपी भी एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामलों में शामिल रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अपने आधिकारिक पहचान पत्रों का दुरुपयोग कर नाकों और टोल प्लाजों से आसानी से निकल जाते थे। महिला साथियों की मौजूदगी भी तस्करी के सुनियोजित तरीके की ओर इशारा करती है। फिलहाल, पुलिस ने सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है, जिसमें सीमा पार बैठे हैंडलरों और स्थानीय नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है। इस संबंध में सिटी फरीदकोट थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी) और 27-ए के तहत एफआईआर नंबर 95, दिनांक 21 फरवरी 2026 को दर्ज की गई है।