बैसाखी के मौके पर विशेष सत्र, दोषियों को उम्रकैद तक सजा का प्रस्ताव

बैसाखी के मौके पर विशेष सत्र, दोषियों को उम्रकैद तक सजा का प्रस्ताव

बैसाखी के पावन अवसर पर आज पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। यह सत्र सुबह 11 बजे शुरू होगा, जिसमें धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश कर पारित किया जाएगा। सरकार द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले इस विधेयक का नाम ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026’ रखा गया है। विधेयक पारित होने के बाद इसे मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति बेअदबी का दोषी पाया जाता है, तो उसे अधिकतम उम्रकैद की सजा और 25 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। पंजाब में बेअदबी की घटनाएं लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई हैं। इन मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने पिछले वर्ष अप्रैल में ‘पंजाब पवित्र ग्रंथों के विरुद्ध अपराध रोकथाम बिल, 2025’ भी पेश किया था। इस विधेयक में सभी प्रमुख धर्मों के ग्रंथों को शामिल करते हुए 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। फिलहाल, इस बिल को आगे की समीक्षा के लिए एक चयन समिति को भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, 11 अप्रैल को हुई कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जानकारी दी थी कि ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट-2008’ में संशोधन के लिए प्रस्ताव लाया गया है। इस संशोधन के तहत बेअदबी से जुड़े मामलों में और अधिक कठोर प्रावधान शामिल किए जाने का उद्देश्य है। बैसाखी के अवसर पर बुलाया गया यह विशेष सत्र राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में कानून को और सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।