नींद की कमी से बढ़ती हैं बीमारियां, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
- राष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त और अच्छी नींद लेना बेहद आवश्यक है। डॉक्टरों का मानना है कि एक स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने के लिए रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद जरूरी होती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि नींद शरीर और दिमाग के लिए एक तरह की “रात की मरम्मत प्रक्रिया” होती है। दिनभर की थकान, तनाव और काम के दबाव से राहत पाने में अच्छी नींद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पर्याप्त नींद लेने के बाद व्यक्ति अगले दिन खुद को अधिक ताजगी और ऊर्जा से भरपूर महसूस करता है। माहिरों का यह भी कहना है कि नींद की कमी का असर केवल ऊर्जा स्तर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह याददाश्त और भावनात्मक संतुलन को भी प्रभावित करता है। लगातार कम नींद लेने से कई शारीरिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं और इसका नकारात्मक प्रभाव दिमाग की कार्यक्षमता पर भी पड़ता है। हाल ही में स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. थॉम पेलोव्सकी ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि नींद को सबसे प्रभावी “डिटॉक्स” माना जा सकता है। उनके अनुसार, गहरी नींद के दौरान दिमाग एक विशेष सफाई प्रणाली को सक्रिय करता है, जिसे ग्लाइमफैटिक सिस्टम कहा जाता है। यह प्रणाली सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड (CSF) की मदद से दिमाग में जमा अपशिष्ट पदार्थों, विषाक्त तत्वों और अतिरिक्त प्रोटीन को साफ करती है। इसे दिमाग की रात के समय होने वाली सफाई प्रक्रिया के रूप में समझा जा सकता है, जो हमें अगले दिन के लिए तरोताजा बनाती है। विशेषज्ञों का निष्कर्ष है कि यदि व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना चाहता है, तो उसे नियमित रूप से 7 से 8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद अवश्य लेनी चाहिए।
Leave a Reply