पंजाब में बढ़ता कृषि कर्ज संकट, सरकार ने नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के संकेत दिए

पंजाब में बढ़ता कृषि कर्ज संकट, सरकार ने नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के संकेत दिए

पंजाब सरकार ने कर्जदार किसानों की जमीन की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है। कृषि विकास बैंकों ने प्रारंभिक चरण में बड़े किसानों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्यभर में ऐसे 109 डिफॉल्टर किसानों की पहचान की गई है, जिनके पास 20 एकड़ से अधिक भूमि है। इन किसानों पर लगभग 20.50 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है। सूत्रों के मुताबिक, सहायक रजिस्ट्रारों ने नीलामी की तारीख तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और 30 मार्च के आसपास नीलामी शुरू हो सकती है। बताया गया है कि बठिंडा जिले के पांच कृषि विकास बैंकों ने 16 बड़े किसानों की जमीन की नीलामी की तारीख तय कर दी है। वहीं, सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव ने 5 मार्च को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया था। आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में कुल 89 कृषि विकास बैंक हैं, जिनके अंतर्गत लगभग 46,200 डिफॉल्टर किसान हैं और इन पर कुल 2,650 करोड़ रुपये का बकाया है। औसतन प्रति किसान लगभग 5.72 लाख रुपये का कर्ज है। विभिन्न श्रेणियों में कर्ज का आंकड़ा भी सामने आया है, जिसमें ढाई एकड़ तक के किसानों पर 690 करोड़ रुपये, ढाई से पांच एकड़ वालों पर 790 करोड़ रुपये और पांच से दस एकड़ वालों पर 850 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है। इसी प्रकार, 10 से 15 एकड़ वाले किसानों पर 235 करोड़ रुपये, 15 से 20 एकड़ वालों पर 61 करोड़ रुपये और 20 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों पर 20.85 करोड़ रुपये बकाया हैं। वर्ष 2025-26 में कृषि विकास बैंकों की वसूली 244 करोड़ रुपये रही, जबकि 2024-25 में यह 285 करोड़ रुपये और 2023-24 में 305 करोड़ रुपये थी। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पंजाब सरकार ने नाबार्ड को 3,200 करोड़ रुपये की गारंटी दी हुई है। हालांकि, रीफाइनेंस न मिलने के कारण किसानों को नए ऋण जारी नहीं किए जा रहे हैं। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने पुराने कर्मचारियों के करीब 500 करोड़ रुपये के बकाए और हाई कोर्ट ने 150 करोड़ रुपये के भुगतान के निर्देश दिए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यदि वसूली प्रक्रिया तेज होती है, तो नाबार्ड से लगभग 800 करोड़ रुपये का वित्तीय सहयोग मिल सकता है। 20 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से करीब 17 करोड़ रुपये की वसूली संभव है। इस बीच, निर्दलीय विधायक Rana Inder Pratap Singh ने विधानसभा में डिफॉल्टर किसानों के लिए एकमुश्त निपटान योजना लागू करने की मांग की है। वहीं, सरदूलगढ़ से विधायक Gurpreet Singh Banawali ने भी ऐसी योजना लागू करने की आवश्यकता जताई है।