कनाडा और तुर्की के बीच नई रणनीतिक साझेदारी: व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति
- अंतरराष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए एक ऐतिहासिक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और ऊर्जा के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यापक सहयोग को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी वर्तमान में तुर्की के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। अंकारा स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक संयुक्त प्रेसब्रीफिंग के दौरान दोनों शीर्ष नेताओं ने साझा बयान जारी करते हुए कहा कि यह साझेदारी दोनों देशों के दीर्घकालिक संबंधों को एक नई और सकारात्मक दिशा प्रदान करेगी। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने तुर्की को एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदार बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी देश अकेले अपनी क्षमता और ताकत में वृद्धि नहीं कर सकता। विश्वसनीय भागीदार देशों के साथ मिलकर काम करने से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभरती चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने की क्षमता विकसित होती है।दूसरी ओर, राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने इस समझौते को कनाडा और तुर्की के राजनयिक संबंधों में एक नए युग की शुरुआत करार दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि दोनों देशों के बीच पुराने कूटनीतिक संबंध होने के बावजूद लंबे समय से एक तरह की दूरी बनी हुई थी, जिसे खत्म करने की दिशा में अब एक ठोस कदम उठाया गया है। राष्ट्रपति एर्दोआन ने जल्द ही एक उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ कनाडा की यात्रा करने की अपनी योजना भी व्यक्त की। इस नई रणनीतिक साझेदारी को मुख्य रूप से चार प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित किया गया है: व्यापार एवं निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, ऊर्जा क्षेत्र, और जन-से-जन (पीपल-टू-पीपल) के आपसी संबंधों को मजबूत करना। अगले महीने अंकारा में दोनों देशों के वार्ताकारों और अधिकारियों की पहली बैठक आयोजित होगी, जहां एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बातचीत का पहला चरण शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही, रक्षा उद्योग के क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग और क्षमता निर्माण को गति देने के लिए भी नया समझौता हुआ है। ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच निवेश बढ़ाने पर सहमति बनी है। इसके अतिरिक्त, हवाई परिवहन समझौते को भी अंतिम रूप देने की योजना है, जिससे कनाडा और तुर्की के बीच वाणिज्यिक यात्री उड़ानों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। उल्लेखनीय है कि कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का यह दौरा किसी भी कनाडाई प्रधानमंत्री द्वारा किया गया तुर्की का पहला द्विपक्षीय दौरा है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब विभिन्न मानवाधिकार संगठन तुर्की में असहमति जताने वाली आवाजों और नागरिक समाज समूहों के खिलाफ की जा रही कार्रवाइयों पर अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्नी का मुख्य कूटनीतिक उद्देश्य कनाडाई व्यापार संबंधों का विविधीकरण करना और अमेरिका पर कनाडा की अत्यधिक निर्भरता को कम करना है। वहीं, दूसरी तरफ तुर्की वर्ष 2050 तक अपनी परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता में लगभग 20 गीगावाट की बढ़ोतरी का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इस योजना के तहत दोनों देश कनाडा की प्रसिद्ध 'कैंडू' (CANDU) न्यूक्लियर तकनीक का उपयोग करके तुर्की में नए परमाणु बिजलीघरों के निर्माण की संभावनाओं पर भी गंभीरता से विचार करेंगे।
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