1 नवंबर को दिल्ली में होगी विशाल रैली; ईवीएम की जगह दोबारा बैलेट पेपर से मतदान कराने की उठी जोरदार मांग

1 नवंबर को दिल्ली में होगी विशाल रैली; ईवीएम की जगह दोबारा बैलेट पेपर से मतदान कराने की उठी जोरदार मांग

नई दिल्ली में बुधवार को आयोजित ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की एक अहम बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जिसे विपक्ष ‘वोट चोरी’ कह रहा है, उसके असली मास्टरमाइंड पीएम मोदी और अमित शाह हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में 19 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया और चुनाव आयोग के कामकाज के विरोध में तीन चरणों में आंदोलन चलाने तथा चुनावी सुधारों से जुड़ा छह-सूत्रीय कार्यक्रम पेश करने का ऐलान किया। तीन चरणों में देशव्यापी आंदोलन और रैलियों की घोषणा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और अन्य प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में यह घोषणा की गई कि विपक्षी दल 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक देश भर में जिलाधिकारियों (DM) के दफ्तरों के बाहर ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च और प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही, 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी सांसद चुनाव आयोग की तरफ मार्च निकालेंगे, जबकि 1 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा, ताकि मतदाता सूचियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े अपने आरोपों को एक व्यापक जन-आंदोलन में बदला जा सके। राहुल गांधी और ममता बनर्जी के कड़े तेवर बैठक के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने देश की मतदान प्रणाली पर सीधा हमला किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस मामले पर चुप नहीं बैठेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिले। वहीं, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उन्हें नहीं हटाया गया, तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। बनर्जी ने ईवीएम (EVMs) के कामकाज और सॉफ्टवेयर पर भी गंभीर सवाल उठाए। छह-सूत्रीय मांगें और बैलेट पेपर की वापसी पर जोर ‘इंडिया’ गठबंधन की इस बैठक में सर्वसम्मति से यह मांग उठाई गई कि चुनाव प्रक्रिया में जनता का भरोसा बहाल करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVMs) की जगह फिर से बैलेट पेपर की व्यवस्था लाई जानी चाहिए। गठबंधन ने अपने छह-सूत्रीय एजेंडे में मांग की कि भविष्य के चुनावों के लिए एसआईआर (SIR) से पहले की मतदाता सूची का उपयोग किया जाए, मतदाता सूची संशोधन में पूरी पारदर्शिता हो, किसी भी योग्य मतदाता को बिना उचित नोटिस के न हटाया जाए, युवाओं के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया आसान हो और चुनाव आयोग की संस्थागत जवाबदेही तय की जाए। इस बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार), शिवसेना (यूबीटी), आरजेडी, सीपीएम, सीपीआई, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, जेएमएम, सीपीआई (एमएल), आईयूएमएल, केरल कांग्रेस (एम), एमडीएमके, वीसीके, आरएसपी, केरल कांग्रेस (जोसेफ) और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक सहित कुल 19 दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।