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मनी लॉन्ड्रिंग जांच तेज: 3000 किलो हेरोइन मामले में ईडी का बड़ा एक्शन

26 Jun, 2026 12:18 PM

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 13 सितंबर 2021 को मुंद्रा पोर्ट पर लगभग 3000 किलो हेरोइन की जब्ती से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली निवासी हरप्रीत सिंह तलवाड़ को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 24 और 25 जून को राष्ट्रीय राजधानी में छह स्थानों पर की गई तलाशी अभियान के दौरान की गई। ईडी के अनुसार, हरप्रीत तलवाड़ इस मामले का मुख्य आरोपी है। उसे 24 जून को गिरफ्तार करने के बाद विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में रिमांड के लिए पेश किया गया। इससे पहले अगस्त 2022 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी इसी मामले में हरप्रीत तलवाड़ उर्फ कबीर तलवाड़ को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी ने बताया कि तलवाड़ की गिरफ्तारी उसके ठिकानों के अलावा उसके कर्मचारियों, व्यावसायिक सहयोगियों और उससे जुड़ी संस्थाओं पर की गई तलाशी के बाद की गई। ईडी का मुख्यालय जांच प्रकोष्ठ उस मामले की जांच कर रहा है, जिसमें भारी मात्रा में हेरोइन को अर्ध-प्रसंस्कृत टैल्क (पत्थर) के भीतर छिपाकर आयात किया गया था। ईडी ने बताया कि उसने यह जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 तथा भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। एनआईए इस मामले में छह आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि आरोपी अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दुबई से संचालित एक अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी सिंडिकेट के साथ मिलकर काम कर रहे थे। जांच में यह भी आरोप लगाया गया कि इस नेटवर्क में पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट, अफगान नागरिक तथा वांछित आरोपी विटायश कोसर उर्फ राजू दुबई शामिल थे, जिसे इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बताया गया है। जांच के अनुसार, हरप्रीत तलवाड़ ने विटायश कोसर के साथ मिलकर अर्ध-प्रसंस्कृत टैल्क के आयात की आड़ में मादक पदार्थों की तस्करी की गतिविधियों को अंजाम दिया। जांच में यह भी सामने आया है कि मादक पदार्थों की अवैध बिक्री से प्राप्त 74 करोड़ रुपये हवाला के माध्यम से अफगानिस्तान भेजे गए, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए किया गया। ईडी के अनुसार, तस्करी सिंडिकेट के लिए अपनी सेवाओं के बदले तलवाड़ को बिना किसी भुगतान के सूखे मेवे, खजूर, इत्र और अन्य विदेशी वस्तुएं उपलब्ध कराई जाती थीं। इसके अलावा उसे मादक पदार्थों की बिक्री से प्राप्त धनराशि में से नकद भुगतान भी किया जाता था। तलाशी अभियान के दौरान ईडी को तलवाड़ और उसके सहयोगियों द्वारा किए गए निवेशों से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त ईडी ने लगभग दो करोड़ रुपये मूल्य के चार लग्जरी वाहन भी जब्त किए हैं। इनमें रेंज रोवर स्पोर्ट 3.0, टोयोटा फॉर्च्यूनर, मर्सिडीज-बेंज सीएलई 300 और किया सेल्टोस शामिल हैं। एजेंसी के अनुसार, ये सभी वाहन तलवाड़ के नियंत्रण वाली बेनामी संस्थाओं के नाम पर पंजीकृत थे।

Posted By: Daily Suraj Bureau

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