नेपाल में भीषण बाढ़ से तबाही, 300 से अधिक भारतीय पर्यटकों के लापता होने की सूचना
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस आपदा के बाद लापता हुए हजारों लोगों में करीब 300 भारतीय पर्यटकों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने गुरुवार को यह जानकारी दी। विदेश मंत्री खनाल के अनुसार, रासुवा क्षेत्र में इस त्रासदी के कारण अब तक 160 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी, जबकि हजारों लोग अभी भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में परिवारों के घर उजड़ गए हैं और प्रशासन अभी इस आपदा से हुए वास्तविक नुकसान का आकलन करने में जुटा है। नेपाल पुलिस ने गुरुवार को बताया कि भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर 162 हो गई है। यह बाढ़ चीन से लगी नेपाली सीमा के पास रासुवागढ़ी के तिमुरे इलाके में आई थी। बताया गया है कि भोटेकोशी की सहायक नदी ल्हेंदे में हिमखंड गिरने के कारण अचानक बाढ़ की स्थिति बनी। बुधवार को सामने आई जानकारी के मुताबिक, करीब 500 लापता लोगों में कम से कम 133 भारतीय और 37 प्रवासी भारतीय (NRI) शामिल थे। इनमें कम से कम 50 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु बताए गए हैं। भारतीय दूतावास ने जारी किए आपात नंबर काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने बाढ़ प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता और जानकारी के लिए बुधवार को आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि प्रभावित लोग +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं। दूतावास ने कहा कि वह बाढ़ प्रभावित भारतीय नागरिकों को जल्द बचाने और राहत पहुंचाने के लिए नेपाल सरकार के संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। नेपाल सरकार के साथ समन्वय करते हुए बचाव और राहत अभियान को और तेज किया जा रहा है। पर्यटन बोर्ड ने भी हेल्पलाइन जारी की नेपाल पर्यटन बोर्ड ने भी प्रभावित लोगों और पर्यटकों की सहायता के लिए कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इनमें टोल-फ्री आपातकालीन नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और टूरिस्ट पुलिस नंबर 9851289445 शामिल हैं। इसके अलावा, बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने भी 0086 185 1428 4905 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इस नंबर पर व्हाट्सऐप के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है।
Posted By: Daily Suraj Bureau