जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शनों पर लगी रोक, दिल्ली पुलिस ने 3 नए स्थान किए तय

जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शनों पर लगी रोक, दिल्ली पुलिस ने 3 नए स्थान किए तय

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों और धरनों के आयोजन को लेकर दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा फैसला लिया है। ऐतिहासिक प्रदर्शन स्थल ‘जंतर-मंतर’ को अब आधिकारिक धरना स्थलों की सूची से हटा दिया गया है। अब राजधानी में किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन, धरना या रैलियों के लिए तीन नए स्थान—रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली स्थित सीबीडी (CBD) ग्राउंड—निर्धारित किए गए हैं। दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने नागरिकों के विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार के लिए वैकल्पिक स्थानों की तलाश हेतु एक विशेष समिति का गठन किया था। इस समिति द्वारा सौंपी गई सिफारिशों के आधार पर ही जंतर-मंतर को सूची से हटाकर इन तीन नए स्थानों को मान्यता दी गई है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन तीनों नए स्थानों पर प्रदर्शन करने के नियमों और प्रक्रियाओं (SOP) से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का एक लंबा इतिहास रहा है। वर्ष 1988 में महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व में हुए बड़े किसान आंदोलन के बाद जब इंडिया गेट के पास बोट क्लब पर प्रदर्शनों पर रोक लगाई गई थी, तब 1993 से जंतर-मंतर दिल्ली का मुख्य धरना स्थल बन गया था। इससे पूर्व, अक्टूबर 2017 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने जंतर-मंतर पर धरनों पर प्रतिबंध लगाकर प्रदर्शन रामलीला मैदान स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। हालांकि, जुलाई 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने इस पूर्ण प्रतिबंध को हटाते हुए कुछ तय नियमों के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी थी। वहीं राजनीतिक गतिविधियों के केंद्र रहे रामलीला मैदान में 1975 के इंदिरा गांधी सरकार विरोधी जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से लेकर 2011 में अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन तक कई ऐतिहासिक सम्मेलन आयोजित हो चुके हैं।