शिरोमणि कमेटी बजट सत्र में 7.28% वृद्धि के साथ नया बजट मंजूर
- पंजाब
- (Asia/Kolkata)
सिखों की ‘मिनी संसद’ कही जाने वाली Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee (SGPC) के बजट सत्र में शनिवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1487.41 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट पेश किया गया, जिसे उपस्थित सदस्यों ने जयकारों के बीच सर्वसम्मति से पारित कर दिया। यह बजट सत्र SGPC के अध्यक्ष Harjinder Singh Dhami के नेतृत्व में तेजा सिंह समुद्री हॉल में आयोजित किया गया, जहां महासचिव शेर सिंह मंडवाला ने बजट पेश किया। इस वर्ष का बजट पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 100.94 करोड़ रुपये अधिक है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष लगभग 1386 करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया था। इस प्रकार चालू बजट में 7.28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। सत्र की शुरुआत श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में मूल मंत्र के जाप और अरदास के साथ की गई। इस अवसर पर श्री अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गडगज्ज, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह तथा श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी भी उपस्थित रहे। बजट सत्र के दौरान जनरल हाउस में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए। इनमें जेलों में बंद सिख बंदियों की रिहाई की मांग प्रमुख रही। इसके अलावा, बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार द्वारा प्रस्तावित कानून के मसौदे को पहले संगत के समक्ष प्रस्तुत करने की मांग की गई। सिख धर्म की अलग पहचान और अस्तित्व पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए संगत को सतर्क रहने का आह्वान किया गया। सत्र में विपक्षी सदस्य मਿੱਠू सिंह काहणेके ने सुझाव दिया कि शिरोमणि कमेटी का बजट सत्र अधिक दिनों तक आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि बजट पर विस्तार से चर्चा की जा सके।
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