ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट युवाओं के लिए नौकरी पाना हुआ मुश्किल, सरकारी PLFS रिपोर्ट में सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर
देश में रोजगार के मोर्चे पर एक दिलचस्प और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के आंकड़ों से यह बात स्पष्ट हुई है कि देश में कम पढ़े-लिखे लोगों की तुलना में उच्च शैक्षणिक योग्यता यानी ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट युवाओं के लिए नौकरी हासिल करना अधिक कठिन होता जा रहा है। विभिन्न वर्षों के पीएलएफएस (PLFS) आंकड़ों के विश्लेषण से यह सामने आया है कि जैसे-जैसे युवाओं की शैक्षणिक योग्यता बढ़ती है, वैसे-वैसे उनके बेरोजगार रहने की संभावना या दर भी अधिक दर्ज की जाती है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के श्रम बाजार में कम पढ़े-लिखे या कम शिक्षा प्राप्त करने वाले लोगों की तुलना में डिग्री धारक युवा अधिक संख्या में रोजगार की तलाश में संघर्ष कर रहे हैं। विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना है कि इस स्थिति के पीछे कौशल की कमी और उस अनुपात में उपयुक्त औपचारिक (Formal) नौकरियों का सृजन न होना एक बड़ा कारण है। हालांकि देश में समग्र बेरोजगारी दरों में स्थिरता या सुधार के दावे किए जाते हैं, लेकिन उच्च शिक्षा प्राप्त वर्ग यानी ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट युवाओं के बीच बेरोजगारी का यह ग्राफ नीति निर्धारकों और युवाओं दोनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।