पंजाब विधानसभा सत्र मात्र नौ मिनट में खत्म होने पर गरमाई सियासत: कांग्रेस ने भगवंत मान सरकार को घेरा, मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग
पंजाब विधानसभा का सत्र महज नौ मिनट में समाप्त किए जाने को लेकर राज्य की सियासत गर्मा गई है। पंजाब कांग्रेस ने इस मुद्दे पर 'आप' सरकार को आड़े हाथों लेते हुए तीखा हमला बोला है और मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की पुरजोर मांग की है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सूबे में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है और नशों का प्रसार तेजी से फैल रहा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ऐसे गंभीर हालातों में राज्य सरकार विधानसभा के भीतर अहम मुद्दों पर चर्चा करवाने की बजाय सिर्फ नौ मिनट में सत्र खत्म करके भाग गई। इससे साफ जाहिर होता है कि पंजाब सरकार अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रही है। नेताओं ने दावा किया कि पंजाब में प्रतिबंधित गोलियां और कैप्सूल सरेआम बिक रहे हैं, जबकि पुलिस आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरह काम कर रही है, जिसे पंजाब के लोग कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। विरोधी दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार अपनी असफलताओं को छुपाने के लिए चर्चा से भाग रही है। उन्होंने कहा कि आज पंजाब का किसान मंडियों में रुT रहा है, कर्मचारियों की मांगों का कोई समाधान नहीं निकल रहा है और अवैध माइनिंग जोरों पर चल रही है। ऐसे ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय सत्र को चंद मिनटों में समेट देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रताप सिंह बाजवा ने आगे कहा कि नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह ਝੋਟਾ (झोटा) की हत्या के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री, किसी भी कैबिनेट मंत्री या विधायक ने पीड़ित परिवार के पास जाकर संवेदना व्यक्त तक नहीं की। ऐसी संवेदनहीन सरकार और मुख्यमंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है, इसलिए उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने ऐलान किया कि कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री का इस्तीफा लेने के लिए आगामी तीन महीने तक लगातार अपना संघर्ष जारी रखेगी।