बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में पंजाब बंद का असर, दोआबा क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित
वाल्मीकि समुदाय द्वारा दिए गए ‘पंजाब बंद’ के आह्वान का सोमवार को पूरे दोआबा क्षेत्र में व्यापक असर देखने को मिला। समुदाय के नेताओं ने दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने की अपील की थी, जिसके चलते कई स्थानों पर बंद जैसे हालात बने रहे। यह बंद कुछ दिन पहले बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बुलाया गया था। जालंधर में विपन सभरवाल के नेतृत्व में समुदाय के प्रतिनिधियों ने इस पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार डीएसपी सतबीर सिंह को बर्खास्त करने की मांग की। हालांकि, डीएसपी सतबीर सिंह को पहले ही निलंबित (सस्पेंड) किया जा चुका है। बंद के आह्वान को देखते हुए कई निजी स्कूलों ने रविवार रात को ही अभिभावकों को संदेश भेजकर बच्चों को स्कूल न भेजने की सलाह दी। कैम्ब्रिज इनोवेटिव स्कूल, इनोसेंट हार्ट्स स्कूल, डीआईपीएस (DIPS) स्कूल और एमजीएन (MGN) स्कूल सहित अधिकांश निजी शिक्षण संस्थानों ने सोमवार को स्कूल बंद रखने की घोषणा की। दोआबा क्षेत्र के जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला और नवांशहर जिलों में वाल्मीकि समुदाय की बड़ी आबादी होने के कारण बंद का सबसे अधिक प्रभाव इसी क्षेत्र में देखने को मिला। कई बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में सामान्य दिनों की तुलना में गतिविधियां काफी कम रहीं। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहते हुए हाई अलर्ट पर है।
Posted By: Daily Suraj Bureau