नेपाल में बाढ़ की त्रासदी: लापता 32 कनाडाई नागरिकों में से एक सुरक्षित घर लौटा
नेपाल में प्राकृतिक आपदा के कारण लापता हुए 32 कनाडाई नागरिकों और स्थायी निवासियों में से एक व्यक्ति सुरक्षित अपने घर पहुंच गया है। हालांकि, उसके परिवार के अन्य सदस्यों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। परिवार लापता परिजनों की सुरक्षित वापसी की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहा है। ब्रिटिश कोलंबिया के पोर्ट मूडी निवासी कनाडाई नागरिक खेवल शाह ने अपने बड़े भाई धवल शाह और भाभी मेघा शाह की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। बताया गया है कि यह परिवार धार्मिक यात्रा के लिए नेपाल के रास्ते माउंट कैलाश (कैलाश मानसरोवर) गया था। इसी दौरान क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ की चपेट में आने के बाद परिवार के कुछ सदस्य लापता हो गए। कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि नेपाल में लापता 32 कनाडाई नागरिकों और स्थायी निवासियों में से फिलहाल केवल एक व्यक्ति सुरक्षित लौट पाया है। उन्होंने बताया कि कनाडा सरकार नेपाल सरकार के साथ लगातार संपर्क में है। अनीता आनंद ने यह भी स्पष्ट किया कि नेपाली प्रशासन की ओर से एक दिन पहले बचाए गए 121 विदेशी नागरिकों की जारी सूची में फिलहाल किसी भी कनाडाई नागरिक का नाम शामिल नहीं है। इस संकट के बीच कनाडा सरकार ने मानवीय सहायता के तौर पर रेड क्रॉस के माध्यम से नेपाल को 50 लाख डॉलर की राहत राशि भेजने की घोषणा की है। खेवल शाह के अनुसार, उनके भाई धवल और भाभी मेघा से सोमवार को आखिरी बार बातचीत हुई थी। उस समय दोनों नेपाल से तिब्बत की सीमा पार करने के लिए एक इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद थे। इसके बाद उनसे संपर्क पूरी तरह टूट गया। बताया गया है कि जिस क्षेत्र में वे मौजूद थे, वह बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल है। खेवल शाह का कहना है कि नेपाल सरकार और राहत दल अपने स्तर पर बचाव अभियान चला रहे हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अभियान में और तेजी लाने की जरूरत है। उनका कहना है कि लापता लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव प्रयासों को तेज किया जाना चाहिए।
Posted By: Daily Suraj Bureau