परविंदर झोटा हत्याकांड: पिता भीम सिंह बोले— अमित शाह के दौरे का विरोध मेरा निजी अपमान होगा, न्याय की पूरी उम्मीद
नशा-विरोधी कार्यकर्ता रहे दिवंगत परविंदर सिंह 207 (ਝੋਟਾ) के पिता और पूर्व फौजी भीम सिंह ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मंगलवार को होने वाले दौरे के दौरान यदि कोई विरोध प्रदर्शन किया जाता है, तो वह इसे अपना व्यक्तिगत अपमान मानेंगे। उन्हें पूरा भरोसा है कि गृह मंत्री उनके परिवार को न्याय दिलाने में मदद करेंगे। 72 वर्षीय भीम सिंह ने कहा, "मैंने सरहद पर देश की सेवा की है। मैं एक पूर्व सैनिक हूँ। 'आप' (आम आदमी पार्टी) को छोड़कर बाकी सभी नेताओं का स्वागत है, बशर्ते वे अपने पदों से इस्तीफा देकर आएं। यदि कोई अमित शाह का विरोध करता है, तो यह मेरी और मेरे दिवंगत बेटे परविंदर की देह की तौहीन होगी। पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल ढिलों भी हमसे मिले थे, और उन्हें किसी विरोध का सामना नहीं करना पड़ा था।" उन्होंने उम्मीद जताई कि अमित शाह के हस्तक्षेप से उनके परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले की सीबीआई (CBI) से जांच कराने की अपनी मांग को एक बार फिर दोहराते हुए आशंका जताई कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो पुलिस साक्ष्यों (सबूतों) को नष्ट कर सकती है। भीम सिंह ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने अपने परिवार के साथ विचार-विमर्श करने के बाद यह फैसला लिया है कि अब परविंदर की पत्नी मनप्रीत कौर एक्शन कमेटी की बैठकों में हिस्सा लेंगी। एक्शन कमेटी के रुख और पुरानी पृष्ठभूमि पर स्थिति उल्लेखनीय है कि इससे पहले एक्शन कमेटी ने अमित शाह के दौरे का बहिष्कार करने का ऐलान किया था और परिवार से भी न मिलने की अपील की थी। हालांकि, बाद में कमेटी ने इस फैसले पर पुनर्विचार करना शुरू कर दिया। दूसरी ओर, परविंदर सिंह झोटा के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों की सुनवाई को लेकर भीम सिंह ने अदालत से न्याय की गुहार लगाई है। भीम सिंह फौजी ने यह भी स्पष्ट किया कि वे खुद पिछले दो-तीन बैठकों में शामिल नहीं हो पाए थे, इसलिए उन्हें पूरी जानकारी नहीं थी कि वहां क्या चर्चा हुई। अब परिवार की ओर से उनकी बहू मनप्रीत कौर सभी आगामी बैठकों में सक्रिय रूप से भाग लेंगी।