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CBSE री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया धीमी, तकनीकी खामियों से छात्र और शिक्षक परेशान

26 May, 2026 04:59 PM

CBSE कक्षा 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों की री-इवैल्यूएशन से जुड़ी परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। बड़ी संख्या में छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की मांग कर रहे हैं। छात्रों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में कई स्पष्ट त्रुटियों की ओर ध्यान दिलाया है, जहां डिजिटल रूप से जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं में परीक्षकों द्वारा दिए गए अंक, CBSE की वेबसाइट पर अपलोड किए गए कुल अंकों से मेल नहीं खा रहे हैं। स्थिति को और गंभीर बनाते हुए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर लगातार तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। बोर्ड सूत्रों के अनुसार, लुधियाना स्थित CBSE के क्षेत्रीय कार्यालय में विभिन्न विषयों और स्ट्रीम्स के लिए 17 हजार से अधिक री-इवैल्यूएशन आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिससे भारी बैकलॉग पैदा हो गया है। उपलब्ध शिक्षकों की कमी के कारण पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया भी धीमी गति से चल रही है। शिक्षकों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि उनके विषयों से संबंधित उत्तर पुस्तिकाएं समीक्षा के लिए तैयार होने पर वे क्षेत्रीय केंद्र में रिपोर्ट करें। इस देरी ने छात्रों और शिक्षकों दोनों के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। इस बीच कई गंभीर गड़बड़ियां भी सामने आई हैं। कुछ छात्रों ने शिकायत की कि उनकी उत्तर पुस्तिका का एक ही पृष्ठ पोर्टल पर दो बार अपलोड कर दिया गया, जबकि कुछ मामलों में महत्वपूर्ण पृष्ठ पूरी तरह गायब थे। इसके अलावा छात्र सर्वर की खराबी और धुंधली डिजिटल कॉपियों के कारण अपने अंकों का स्वतंत्र सत्यापन करने में भी कठिनाई महसूस कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि CBSE द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर भी ठीक से काम नहीं कर रहा। शिकायत के अनुसार, कॉल करने पर एक बीप के बाद फोन कट जाता है। दूसरी ओर, शिक्षक भी इस पूरी प्रक्रिया से निराश हैं। एक शिक्षक ने बताया कि प्रारंभिक जांच चरण के दौरान ही उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था और अब बोर्ड द्वारा उन्हें गर्मी के मौसम में क्षेत्रीय कार्यालय जाकर उत्तर पुस्तिकाएं जांचने के लिए कहा जा रहा है। एक छात्रा ने बताया कि उसने अंकों की जोड़ में स्पष्ट गलती देखने के बाद ही पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया। उसके अनुसार, अलग-अलग उत्तरों के लिए दिए गए अंक अंतिम स्कोर में सही तरीके से नहीं जोड़े गए थे। गौरतलब है कि CBSE ने वर्ष 2026 से कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली लागू की है, जिसके तहत उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर कंप्यूटर पर जांचा जाता है। इस नई प्रणाली का उद्देश्य कुल अंकों की गणना को स्वचालित बनाना, मानवीय त्रुटियों को कम करना, पारदर्शिता बढ़ाना और बिना यात्रा के अधिक परीक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करना था। बोर्ड द्वारा प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता को लगभग 20 उत्तर पुस्तिकाएं दी गई थीं। वेबसाइट पर असामान्य ट्रैफिक के चलते CBSE ने स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी प्राप्त करने की अंतिम तिथि 25 मई तक बढ़ा दी थी। छात्रों को स्कैन कॉपी प्राप्त होने के बाद वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने हेतु दो दिन का समय दिया गया था।

Posted By: Daily Suraj Bureau

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