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मानसा में गरमाया माहौल: परविंदर झोटा के परिवार को मिली CRPF सुरक्षा, 5 नवंबर को सीएम आवास के घेराव का ऐलान

31 Oct, 2026 10:13 AM

पंजाब के मानसा में चर्चित परविंदर सिंह झोटा मामले को लेकर संघर्षरत एक्शन कमेटी और राज्य भर की विभिन्न संघर्षशील जत्थेबंदियों ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। एक्शन कमेटी द्वारा पहले आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों और मंत्रियों के आवास के बाहर 24 घंटे का धरना देने का कार्यक्रम तय किया गया था, जिसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय मानसा में आयोजित पंजाब भर की संघर्षशील जत्थेबंदियों की एक अहम बैठक के दौरान लिया गया। बैठक में विधायकों के घेराव को टालते हुए अब 5 नवंबर को संगरूर स्थित पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के आवास का घेराव करने का बड़ा ऐलान किया गया है। एक्शन कमेटी मानसा के मीडिया प्रभारी हरदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि परविंदर सिंह झोटा के लिए न्याय, राज्य से नशे के पूर्ण खात्मे, गिरफ्तार नेताओं की तत्काल रिहाई और मोर्चे की अन्य सभी मांगों की पूर्ति को लेकर यह रणनीति बनाई गई है। झोटा परिवार को मिली सीआरपीएफ की सुरक्षा इसी बीच मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से परविंदर सिंह झोटा के परिवार की सुरक्षा के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की टीम मानसा पहुंच गई है। सीआरपीएफ के जवानों ने झोटा के परिवार की सुरक्षा का जिम्मा संभालते हुए विधिवत तैनाती शुरू कर दी है। राजनीतिक खींचतान और आरोपों का दौर उल्लेखनीय है कि 13 अक्टूबर को हुई परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद से सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के स्थानीय विधायकों और मंत्रियों के पीड़ित परिवार के पास न पहुंचने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मानसा पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात कर दुख साझा किया था। दूसरी ओर, आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए आप विधायक गुरप्रीत सिंह बनांवाली ने कहा कि वे सभी विधायक आज भी पीड़ित परिवार के पास जाना चाहते हैं। लेकिन एक्शन कमेटी द्वारा सरकार पर अनावश्यक तंज कसे जा रहे हैं और संकीर्ण राजनीति के लिए बापू भीम सिंह फौजी को भड़काया जा रहा है। दलजीत सिंह के अंतिम संस्कार पर असमंजस बरकरार दूसरी तरफ, कथित तौर पर नशे की ओवरडोज के कारण जान गंवाने वाले गांव भम्मे कलां के निवासी दलजीत सिंह के अंतिम संस्कार का मामला चार दिन बीत जाने के बाद भी सुलझ नहीं पाया है। मानसा इंसाफ मोर्चे के साथ जुड़ी मृतक दलजीत की पत्नी परमजीत कौर ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में राहत देने की बजाय उनके पति के शव की बेकद्री की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि परिवार की सहमति के बिना जबरन अंतिम संस्कार करने की कोशिश की गई तो वे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) का दरवाजा खटखटाएंगी। हालांकि, मामले में विरोधाभास तब सामने आया जब मृतक दलजीत सिंह के पिता जरनैल सिंह ने अपने बेटे का अंतिम संस्कार करने की बात कही है।

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