बांग्लादेश में डेंगू का कहर, मौतों का आंकड़ा 100 पार

बांग्लादेश में डेंगू का कहर, मौतों का आंकड़ा 100 पार

बांग्लादेश में डेंगू का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। बुधवार को कम से कम पांच और लोगों की मौत दर्ज की गई, जिससे इस साल मच्छर जनित बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 107 हो गई है। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी। स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशालय (डीजीएचएस) के अनुसार, ताज़ा मौतें ढाका उत्तर सिटी कॉरपोरेशन (डीएनसीसी), मयमनसिंह और बारीशाल डिवीज़न में दर्ज की गईं। इसी अवधि में देशभर के अस्पतालों में 1,110 नए मरीज भर्ती हुए। अगस्त माह में डेंगू संक्रमण में तेज़ी आई, जो वर्ष 2000 के बाद से मामलों और मौतों की तीसरी सबसे बड़ी मासिक संख्या रही। द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने 43 मौतें और 20,536 अस्पताल में भर्ती दर्ज किए गए। डेंगू, जो मुख्य रूप से एडीज़ एजिप्टी मच्छर से फैलता है, बांग्लादेश में एक गंभीर जनस्वास्थ्य संकट बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि मामलों की संख्या अक्टूबर तक और बढ़ सकती है। जाहांगीरनगर विश्वविद्यालय के जीवविज्ञान प्रोफेसर कबीरुल बशर ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे स्थानीय स्तर पर हॉटस्पॉट की पहचान कर तेज़ मच्छर नियंत्रण, सामुदायिक लामबंदी और जागरूकता अभियानों के ज़रिए तुरंत कार्रवाई करें। राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, ढाका के कीट विज्ञानी जीएम सैफुर रहमान ने चेतावनी दी कि देशभर में अपर्याप्त मच्छर विरोधी अभियान आने वाले दो महीनों में मामलों में और वृद्धि का कारण बन सकते हैं। उन्होंने कहा, “स्थिति और बिगड़ सकती है यदि अधिकारी तुरंत आवश्यक कदम नहीं उठाते।” शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर एचएम नज़मुल अहसन ने बताया कि डेंगू से होने वाली मौतें कई कारकों के संयोजन से होती हैं, जिनमें मरीज की हालत, वायरस की प्रकृति और चिकित्सकीय प्रबंधन की गुणवत्ता शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि दूरदराज़ इलाकों से आने वाले मरीजों के लिए अस्पताल तक पहुंचने में देरी और तरल प्रबंधन की कमी जोखिम को और बढ़ा देती है।