बीजेपी-आरएसएस पर बयान मामले में राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई से इनकार
- ਦੇਸ਼
- (Asia/Kolkata)
Rahul Gandhi को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ दिए गए बयान को लेकर दायर याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ टिप्पणी पर FIR दर्ज करने की मांग की गई थी। इस मामले में 9 अप्रैल को हाई कोर्ट के जस्टिस विक्रम डी. चौहान की एकल पीठ ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को अदालत ने अपना निर्णय सुनाते हुए याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संसदीय लोकतंत्र में सरकारी नीतियों की आलोचना न केवल वैध है, बल्कि यह लोकतंत्र के लिए आवश्यक भी है। अदालत ने कहा कि सरकार की आलोचना करना या उससे वैचारिक मतभेद रखना अपने आप में कोई अपराध नहीं है। यदि कोई जनप्रतिनिधि किसी नीति या विचारधारा के खिलाफ संघर्ष की बात करता है, तो उसे विद्रोह भड़काने के रूप में नहीं देखा जा सकता। यह याचिका सिमरन गुप्ता द्वारा दायर की गई थी, जिसमें संभल की चंदौसी अदालत के 7 नवंबर 2025 के आदेश को चुनौती दी गई थी। उस आदेश में चंदौसी अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ याचिका को कमजोर बताते हुए खारिज कर दिया था। इसके बाद याचिकाकर्ता ने इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख किया था। मामले की पृष्ठभूमि में 15 जनवरी 2025 को राहुल गांधी द्वारा दिया गया एक बयान है, जिसमें उन्होंने कहा था, “हम भाजपा, आरएसएस और भारत सरकार से लड़ रहे हैं।” इसी बयान के आधार पर उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करते हुए विशेष सांसद/विधायक अदालत में याचिका दायर की गई थी, जिसे अब हाई कोर्ट ने भी खारिज कर दिया है।
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