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पाकिस्तान में पोलिया का बढ़ता प्रकोप: खैबर पख्तूनख्वा में 8वां मामला आया सामने, 13 महीने की बच्ची संक्रमित

02 Nov, 2026 10:04 AM

पाकिस्तान में पोलियो वायरस का प्रसार लगातार गंभीर चिंता का कारण बनता जा रहा है। पोलियो उन्मूलन के लिए गठित 'नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर' (NEOC) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के खैबर जिले से पोलियो का 8वां मामला सामने आया है। स्थानीय मीडिया द्वारा सोमवार को जारी रिपोर्टों में इस स्वास्थ्य संकट की पुष्टि की गई है। 13 महीने की बच्ची पोलियो से पीड़ित पाकिस्तानी समाचार पत्र 'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, पोलियो कार्यक्रम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वायरस से पीड़ित बच्ची की उम्र महज 13 महीने है, जो खैबर पख्तूनख्वा की बारा तहसील से संबंधित है। यह खैबर जिले का दूसरा और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से आया छठा मामला है। इस घटना के बाद 'पाकिस्तान पोलियो इरेडिकेशन इनिशिएटिव' ने मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है, ताकि वायरस के फैलाव को रोकने के लिए लक्षित टीकाकरण अभियान चलाए जा सकें। पोलियो टीमों और सुरक्षाकर्मियों पर लगातार हमले पाकिस्तान और अफगानिस्तान दुनिया के वे दो मात्र देश हैं जहां 'वाइल्ड पोलियो वायरस' अभी भी मौजूद है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में पोलियो टीमों को अक्सर हिंसक हमलों का सामना करना पड़ता है: नोशकी हमला (22 सितंबर): बलूचिस्तान के नोशकी जिले में मोटरसाइकिल सवार हथियारबंद हमलावरों ने महिला पोलियो कार्यकर्ताओं की सुरक्षा में तैनात दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी और उनके सरकारी हथियार छीनकर फरार हो गए। इस घटना के बाद क्षेत्र में टीकाकरण अभियान स्थगित कर दिया गया था। बाजौर हमला (18 मई): 'जियो न्यूज' के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले (सलारजई के तब्बाई और डाग किला क्षेत्र) में पोलियो टीमों की सुरक्षा में लगे दो पुलिस जवान शहीद हो गए थे। इसके अलावा मई महीने में बलूचिस्तान के चमन जिले में भी पोलियो सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाया गया था। इन लगातार होते हमलों और सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग देश से पोलियो के उन्मूलन के प्रयासों में जुटा हुआ है।

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