Daily Suraj

हिन्दी

असम और मिजोरम में असम राइफल्स का बड़ा एक्शन: 46.25 करोड़ का ड्रग्स जब्त, 5 तस्कर गिरफ्तार

02 Nov, 2026 09:38 AM

नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए गए एक व्यापक अभियान में असम राइफल्स ने राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर दक्षिण असम और मिजोरम में बड़ी सफलता हासिल की है। दो अलग-अलग अभियानों के दौरान लगभग 46.25 करोड़ रुपये मूल्य की नशीली दवाएं जब्त की गई हैं और 5 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। 27 किलो से अधिक 'याबा' और 'क्रिस्टल मेथ' बरामद दोनों अभियानों के दौरान कुल 27.813 किलोग्राम मेथमफेटामाइन (Methamphetamine) जब्त किया गया। इस नशीले पदार्थ को आमतौर पर 'याबा' (Yaba), 'पार्टी टेबलेट्स' या 'क्रेजी ड्रग' के नाम से जाना जाता है। इसमें मेथमफेटामाइन और कैफीन का मिश्रण होता है। भारत में प्रतिबंधित यह अत्यधिक हानिकारक सिंथेटिक ड्रग्स मुख्य रूप से म्यांमार से पूर्वोत्तर भारत में तस्करों द्वारा लाया जाता है। पहला अभियान: कछार में 40 करोड़ का क्रिस्टल मेथ जब्त रक्षा विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, पहली बड़ी सफलता असम के कछार जिले के ढोलाई बाजार में मिली। असम राइफल्स और सिलचर DRI की संयुक्त टीम ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर एक संदिग्ध खेप को रोका। तलाशी के दौरान लगभग 20 किलोग्राम वजन का 'क्रिस्टल मेथमफेटामाइन' (20 पैकेट) बरामद हुआ, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 40 करोड़ रुपये है। इसे क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी जब्तियों में से एक माना जा रहा है। मौके से तीन तस्करों को पकड़ा गया, जबकि 2 वाहन और 3 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। शुरुआती जांच से पता चला है कि यह खेप पड़ोसी राज्य मिजोरम से लाई गई थी और सिलचर के रास्ते आगे भेजी जानी थी। दूसरा अभियान: आइजोल में 6.25 करोड़ की टैबलेट्स बरामद मिजोरम में चलाए गए एक अन्य अभियान में असम राइफल्स ने आइजोल जिले के रामथर नॉर्थ क्षेत्र से 7.813 किलोग्राम मेथमफेटामाइन टैबलेट्स बरामद कीं, जिसकी कीमत लगभग 6.25 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस दौरान दो लोगों को हिरासत में लिया गया। जब्त ड्रग्स और पकड़े गए आरोपियों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मिजोरम पुलिस को सौंप दिया गया है। पूर्वोत्तर में तस्करी का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क आधिकारिक बयान में बताया गया कि मिजोरम के 6 जिले और मणिपुर के 5 जिले म्यांमार के साथ 910 किलोमीटर लंबी खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं। विश्व के प्रमुख अवैध मादक पदार्थ उत्पादक क्षेत्र 'गोल्डन ट्रायंगल' से निकटता के कारण यह क्षेत्र नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी का मुख्य गलियारा बन गया है। एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और तकनीकी निगरानी के कारण ही इस अंतरराष्ट्रीय रैकेट का पर्दाफाश संभव हो सका है।

Latest News