चुनावी प्रक्रिया पर अभिजीत दीपके का बड़ा बयान, कहा- अगर धांधली का शक है तो चुनाव न लड़े विपक्ष

चुनावी प्रक्रिया पर अभिजीत दीपके का बड़ा बयान, कहा- अगर धांधली का शक है तो चुनाव न लड़े विपक्ष

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देश की वर्तमान चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए विपक्षी दलों की भूमिका की कड़े शब्दों में आलोचना की है। शुक्रवार को दिए अपने बयान में उन्होंने विपक्ष से अपील की कि अगर उन्हें लगता है कि चुनावों में धांधली हो रही है, तो उन्हें तुरंत ऐसी चुनावी प्रक्रिया में भाग लेना बंद कर देना चाहिए। दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि विपक्षी दल एक ही समय में चुनावों में धांधली का आरोप लगाने और उन्हीं चुनावों में हिस्सा लेने का दोहरा रुख नहीं अपना सकते। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विपक्षी दल अपने राजनीतिक अस्तित्व के खत्म होने के डर से चुनाव लड़ रहे हैं? उन्होंने कहा कि वोट चोरी, विधायकों-सांसदों की खरीद-फरोख्त और राजनीतिक दलों के विभाजन के बावजूद इस व्यवस्था में शामिल बने रहना राजनीतिक उत्तरजीविता नहीं कहा जा सकता। मैच फिक्सिंग की दी मिसाल चुनावी निष्पक्षता पर तंज कसते हुए दीपके ने मैच फिक्सिंग का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह फिक्स्ड मैच को रोमांचक और असली दिखाने के लिए कुछ कैच पकड़े जाते हैं, ठीक उसी तरह चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष साबित करने के लिए विपक्ष को कुछ राज्यों में जीत दर्ज करने दी जाती है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल केवल अपनी पसंद के राज्यों में ही धांधली का मुद्दा उठाते हैं, जिससे इस पूरी प्रक्रिया को वैधता मिलती है। CEC के इस्तीफे और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की चेतावनी उल्लेखनीय है कि अभिजीत दीपके ने हाल ही में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी और दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देने की चेतावनी दी थी। उनका यह बयान 'द इंडियन एक्सप्रेस' की उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों पर कम से कम 14 बार अपनी असहमति दर्ज कराई थी। हालांकि, चुनाव आयोग के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि आयोग के सभी निर्णय सर्वसम्मति से ही लिए गए हैं।