पंजाब राजनीति में बड़ा घटनाक्रम: अमृतसर (उत्तरी) और सनौर सीटें घोषित हुईं रिक्त, स्पीकर ने विधायक जोड़ामाजरा को भेजा नोटिस
पंजाब की राजनीति में मचे सियासी घमासान के बीच एक बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) कुलतार सिंह संधवा ने अमृतसर (उत्तरी) से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही विधानसभा सचिवालय ने हलका अमृतसर (उत्तरी) (15) और हलका सनौर (114) की सीटों को आधिकारिक रूप से 'रिक्त' (Vacant) घोषित कर दिया है। विधानसभा सचिवालय की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दोनों खाली हुई सीटों की आधिकारिक सूचना भारतीय चुनाव आयोग को भी भेज दी गई है। 6 महीने से कम कार्यकाल होने के कारण उपचुनाव की संभावना नहीं संवैधानिक और निर्वाचन नियमों के अनुसार, इन दोनों खाली हुई विधानसभा सीटों पर फिलहाल उपचुनाव (By-election) कराए जाने की कोई संभावना नहीं है, क्योंकि मौजूदा पंजाब विधानसभा के कार्यकाल में छह महीने से कम का समय शेष रह गया है। नियमतः यदि अगली सामान्य विधानसभा चुनावों में 6 महीने से कम का समय बचा हो, तो रिक्त सीटों पर उपचुनाव आयोजित नहीं किए जाते हैं। दलबदल कानून के तहत विधायक जोड़ामाजरा को नोटिस, 5 नवंबर को सुनवाई दूसरी ओर, समाना से विधायक चेतन सिंह जोड़ामाजरा के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। स्पीकर ने इस मामले की औपचारिक सुनवाई के लिए 5 नवंबर की तारीख तय की है। उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी (AAP) की चीफ व्हिप बलजिंदर कौर ने स्पीकर के समक्ष याचिका दायर की थी। इस याचिका में भारतीय संविधान की 10वीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) का हवाला देते हुए विधायक चेतन सिंह जोड़ामाजरा को पंजाब विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराने की मांग की गई है। तेजी से स्वीकार किए गए इस्तीफे गौरतलब है कि सोमवार को ही विधायकों द्वारा पंजाब विधानसभा की सदस्यता से अपना त्यागपत्र स्पीकर को भेजा गया था। पत्र मिलने के महज कुछ ही घंटों के भीतर स्पीकर संधवा ने कुंवर विजय प्रताप सिंह और हरमीत सिंह पठानमाजरा का इस्तीफा स्वीकार करते हुए उनकी सीटों को रिक्त घोषित कर दिया। इससे पूर्व, 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले जालंधर के तत्कालीन विधायक शीतल अंगुराल ने इस्तीफा दिया था जिसे स्वीकार कर लिया गया था। अब कुंवर विजय प्रताप और पठानमाजरा के त्यागपत्र मंजूर होने के बाद इस विधानसभा कार्यकाल में इस्तीफा देने वाले विधायकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।