रूस के 'शैडो फ्लीट' से जुड़े तेल टैंकर पर ड्रोन हमला, आग की चपेट में आने से समुद्री व्यापार प्रभावित
- अंतरराष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
रूस के निकट काले सागर (Black Sea) में मंगलवार को लाइबेरिया के झंडे वाले एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमला होने के कारण जहाज में भयंकर आग लग गई। राहत की बात यह रही कि इस हादसे के समय जहाज पर 23 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे, जिन्हें मौके पर पहुंची इमरजेंसी बचाव टीमों ने पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। रूस के परिवहन मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह हमला यूक्रेन की ओर से ड्रोन के जरिए किया गया था। हमले के तुरंत बाद टैंकर में भीषण आग भड़क उठी और समुद्र के पानी में कच्चा तेल जलता हुआ दिखाई दिया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शुरुआती दौर में राहत और बचाव दलों के लिए जहाज के करीब पहुंचना काफी मुश्किल था। हालांकि, बाद में आग का असर कम होने पर इसे काबू में करने और राहत कार्यों को आगे बढ़ाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले से ठीक पहले इस जहाज की आखिरी लोकेशन रूस और जॉर्जिया की सीमा के पास काले सागर में दर्ज की गई थी। बताया जा रहा है कि यह जहाज यूक्रेन की प्रतिबंधित सूची में भी शामिल था और इसे रूस के कथित 'शैडो फ्लीट' (Shadow Fleet) का हिस्सा माना जाता है। काले सागर क्षेत्र में लगातार हो रहे इन हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर गहरा असर पड़ रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर जहाज मालिकों ने इस रूट से गुजरने से बचना शुरू कर दिया है, जिससे माल ढुलाई (शिपिंग) की लागत में भारी बढ़ोतरी हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक, बीते अगस्त महीने में रूस का अनाज निर्यात 59 लाख टन से घटकर महज 17 लाख टन रह गया था, और सितंबर में भी निर्यात में लगभग 50 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज किए जाने का अनुमान जताया गया है।
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